सब ख़तम हो जायेगा।। । कुछ नहीं बचेगा देख लो ३ दिन का समय मिला हे देखो एक ही दिन पे कितना परिवर्तन ! सत्य युग चल रहा हे २६ जुलाई २०१४ से किसीको पता नहीं मेरेको पता हे सत्यमेव जयते हो जायेगा देख ते जाओ
सब साला अशूर हे । फिरंगी ने सब बर्बाद कर दिया

पूरा धरती को जहा देखो वही प्राइवेट गुंडागिरी चल रहा हे - मेडिकल बोलो इंजीनियरिंग बोलो खली पैसा लेके जो खुसी वही कर रहा
हे सब भाग गए हे मुझसे मेरा प्रोफेसर भगतेहै
सबसे बरा झूठ - पृथिवी को बनाया एक ग्लोब
किसने बनाया ? फिरंगी
बैंक किसने बनाया? फिरंगी
लड़की की पतलूंग पहनेया किसने
? फिरंगी गणतंत्र किसने बनाया ? फिरंगी
पेपर का पैसा किसने बनाया ? फिरंगी
कोर्ट सिस्टम किसने बनाया ? फिरंगी
स्टॉक मार्किट किसने बनाया ? फिरंगी
सॅटॅलाइट का झूठ किसने बनाया ? फिरंगी
कितना बोलू और ?
क्षयाय जगतो आहीता

जब
से गुवाहाटी में आया हु मेरी साब दूर भागते हे

पहले जो
आते थे माको भेट करने अब नहीं आते हे क्यों की में यहाँ हूँ सच्चाई कोई
बर्दास्त कर न पाते हे चाणक्य ने बोलै था -
में ही
भगवान हूँ। अगर किसी
को अपने बारे में पता नहीं , उनके लिए भी हूँ !
में ही
अपने लिए भगवान हूँ । अगर किसी
को अपने बारे में पता नहीं , उनके लिए भी हूँ !
चाबी
किसके पास ? लड़की के ?
किसने
पैसा दिया तेरेको बनाने के लिए चुटिया ? गीता पढ़
- १६ अध्याय ८ और ९ स्लोक
सिर्फ
एक बार मेरा नाम तो ले लो में एहि हूँ


सबलो
ग मूर्ति में भगवान देखते हे में मुझे पे
मूर्ति देखताहु ॐ
utta
r
सत्य
मेव जयते ऑडियो पब्लिश किया जो लोग के
पास स्मार्ट फ़ोन नहीं हे उनको ये लिंक भेजे आप का वीडियो तो फेसबुक और यूट्यूब में हे में आपका ऑडियो रखूँगा, छोटे फाइल साइज में, और आपको ऑडियो लिंक भेजूंगा अब se जहाँ धर्म हे, वही मैं हूँ जहाँ सत्य हैं, वही में हूँ जहाँ ज्ञान चर्चा होते हैं, वही में हूँ मुर्ख , देख इसे पूरा मैसेज नहीं आया फिर बोलो मेरेको भेजो धर्मंम मुलम अर्थम् Search Results Web results Brahmin - Wikipedia en.wikipedia.org › wiki › Brahmin Jump to In Buddhist and Jaina texts - Theoretically, the Brahmins were the highest ranking of the four social classes. In practice, Indian texts suggest that ... Varna (Hinduism) - Wikipedia en.wikipedia.org › wiki › Varna_(Hinduism) Jump to Varna in Buddhist texts - Ancient Buddhist texts mention Varna system in South Asia, but the ... as a class system is attested, but the described Varna was not a caste system. The Pali texts enumerate the four Varnas Brahmin, ... Brahman | Definition, Caste, History, & Facts | Britannica www.britannica.com › ... › Sociology & Society Brahman, highest ranking of the four varnas, or social classes, in Hindu India. ... priest reading a sacred text at a Vedic sacrifice C.M. Natu. Brahman. Quick Facts. तू भगवान हे । तेरेको तो पताही नहीं करता मत बनो, कर्म karo तू ही वह चिड़िया हो । तेरेको तो पताही नहीं के तुहि भगवान हे । ४ वर्ण - ब्राह्मण में ॐ हु कल्कि विष्णु नहीं हैं , कल्कि ही रूद्र -- महादेव व महासेन व नृपेन हैं -- हूँ भन्ना रूप में। बृहस्पत का ज्ञान का अहंगकर हैं मेरा ज्ञान का दुःख हैं । । शरीफ दुःख। इसीलिए में रूद्राक्ष्य पहनता हूँ में ज्ञात हूँ कल्कि विष्णु नहीं हैं , कल्कि महादेव हैं। चांदी खरीदो की जो मनुस्य १६ अद्ध्याय प कृपा पाने के लिए १६ अधया कल्कि की कृपा पाने के लिए - गीता अध्याय १६ पढ़िए। जो क्षमा नहीं करता, वही कल्कि है। यह मैसेज सब को भेजिए क्यू बताऊ ? नहीं बताता। । किसीको कुछ नहीं बताऊंगा । बताते बताते थक गया। नहीं बताऊंगा। मरने दो सबको। जहा भी ले जाते हे तो प्रथम मेरा जनेऊ खोल लेते हैं । में भूलने वाला नहीं हूँ । कभी भूलूंगा नहीं। कभी नहीं। तुम क्यू मेरे जैसे दीखेतो हो ? देखते हो ? तुमलोग साधारण मनुस्य को ये दिखाई नहीं दे रहा हे। मुझे सब दिखायी दे रहा हे । इस चैनल में ६०० वीडियो की जरिये मेने सब को दिखाया । कोई समझ नहीं पाए । इसीलिए डिलीट क्र दिया, चैनल और हजारो के ऊपर सब्सक्राइबर सहित। तुम सिर्फ चंडी का भाव देखते jao, कल्कि का कर्म सामने आएंगे फिर बोल रहा हूँ। कल्कि की कृपा पाने के लिए - गीता अध्याय १६ पढ़िए। जो क्षमा नहीं करता, वही कल्कि है। यह मैसेज सब को भेजो कर अब जाओ चांदी स्टॉक मार्किट और कल्कि पुराण के अनुसार, कल्कि भगवान का जन्‍म सावन मास के शुक्‍ल पक्ष की संध्या व्यापिनी तिथि में होता हे ये संध्या व्यापिनी तिथि क्या हे थोड़ा करो श्लोक ९ से लेकर २३ तक - ठीक से पढ़ो उनमेसे कितना गुण तेरेमें हे देख लो और उसको साफ़ करो धंस दारू पोइगे ? ये एक पेज का मेरा बायो-डाटा हैं धर्म किया हैं ? ध = बुद्धि र्म = में मैं बुद्धिमान हूँ । पृथ्वी समतल खेत्र हैं, गोलक नहीं हैं - वही परम सत्य हैं । सत्य का तारीख था : २६ जुलाई २०१४, साम को ३ बजकर १८ मिनिट। गीता में एक ही अध्याय हैं, जहाँ केबल श्री भगवानुवाचे, अध्याय - १६ । उचमे मनुस्य के लिए परम ज्ञान हैं। आसुरिक सम्पद त्याग करे और, कल्कि को पाए। कल्कि की कृपा पाने के लिए - गीता अध्याय १६ पढ़िए। जो करना हे, अभी करे। कल्कि प्रकट होनेका बाद सभी चेस्टा बिफल होंगे जो क्षमा नहीं करता, वही कल्कि है। -- यह मैसेज सब को भेजिए हरी ॐ ! सिव को पानेके लिए कैलाश मानसरोवर जाना आबश्यक नहीं हैं ! करो पढ़ो आत्मा शांत करनेका उपाय में हैं नमानो तो पाषाण व नृपेन गया सावन झूम के फोटो मिल गया की नहीं अब तक ? कोईभी पैसा देके फोटो भेजेहे क्या ? वह तेरेको नहीं चिहिए मेरेको पता हैं । तू किसीको ढूंढ रहा हैं । मेरा अपना लाइफ स्टोरी में तेरा बासुरी दाल रहा हूँ । मत मार कल्कि का मतलब = कल की बात कल की बात भूल जाओ। आज की सुनो। सुनो ना सुनो ना सुन लो ना धर्म किया हैं ? ध = बुद्धि र्म = में सबलोग धार्मिक बने, बुद्धिमान बने वही कल्कि देव् का आदेश हैं आसुरिक सम्पद और भय त्याग करने के लिए गीता अध्याय १६ पढ़े असतो माँ साद गमयम, हरी ॐ ! बैंकर्स के लिए चांदी सबसे बड़ी समस्या है। वे कृत्रिम रूप से सोने और चांदी के अनुपात को रिकॉर्ड स्तर पर रखने और चांदी की कीमत को कम रख रहे हैं। एहि हैं उनकी मानवता को गुलाम बनानेका तरीका । आध्यात्मिक होना एक बात है और वास्तविक होना दूसरी बात है। मैं आपको यहाँ TRUTH दिखा रहा हूँ। COMEX बाजार पर नकली कागज अनुबंध के साथ 3 x विश्व उत्पादन बेचा जा रहा है। कृपया अपनी रक्षा करें और कुछ चाँदी प्राप्त करें। असत्यमप्रतिष्ठं ते जगदाहुरनीश्वरम्। अपरस्परसम्भूतं किमन्यत्कामहैतुकम्।।16.8।। एतां दृष्टिमवष्टभ्य नष्टात्मानोऽल्पबुद्धयः। प्रभवन्त्युग्रकर्माणः क्षयाय जगतोऽहिताः।।16.9।। -- हरी ॐ ! बुद्धिमान हूँ । पृथ्वी समतल खेत्र हैं, गोलक नहीं हैं - बुद्धिमान बने, ज्ञानी बने सत्य को ढूंढे , असत्य को परित्याग करे। बुद्धिमान लोगो का, बुद्धिमान मेसेज । संतो का संमिलन । ज्ञान सभा कोई महादेव व गणेश को बुलाओ !!!! ज्ञान का अहंकार तो मुझपे हैं नहीं में पागल हूँ। । कुछभी बोल सकता हूँ ध = बुद्धि र्म = में में धार्मिक हूँ । मैं बुद्धिमान हूँ । में पागल हूँ। में बहुत गुस्सेवाला हूँ इस दुनिया से किया लेना क्या देना ? में बहुत बुद्धा हूँ, बहुत पुराण हूँ । परन्तु में बहुत नया हूँ मेरा नाम अभिनव बोरठाकुर हैं में अभिनव हूँ मैं तुम हूँ मेरे पास आना बहुत कठिन रे हम लोग का बात-चित यहाँ hein में मनः शिवाय पार्वती पति जो भोला होता हैं , वह भंडारी होता हैं वह पार्वती पति, मोपेड की सवारी करता हैं -- बुलेट की नहीं में मनः शिवाय सनातन भारत का शिक्षा अधिपति तुम होंगे पंडित आनंद वसिष्ठ : मेरे से दर गयेहो क्या ? बात कर ९३६५५५७९९८ मेरा पत्नी को दिखाना हे, - में कौन हूँ जब उसको पता चल जायेगा , जगत को पता चल जायेगा - के में कौन हूँ के जब १० टोले चांदी से १ टोला सोना खरीद सकोगे - तब में प्रकट हो जाऊंगा रूपा आनंद नई वीडियो : समझने वाले समझ गए हैं, न समझे तो अनारी हैं ठाकुर सरकार आ गए तेरा मेरा फ़ोन कन्वर्सेशन बोलै था न ? ऑडियो वेबसाइट पर रख दूंगा पूरा पेज देख ले जब कल्कि प्रकट होंगे, सबलोग देखेंगे, अरे यह तो साधारण सा मनुस्य हैं ! उसमेसे क्या ज्ञान लेनेका, बताऊ ? तू भी साधारण सा भगवान हो। इसीलिए भगवान जैसा कर्मा कर। नई जर्सी गयेथे न ? देख ले तेरे माता पारवती को, महादेव के पास। पारवती चैलेंज वापस ले लिए । अब देख में किया करता हूँ । में पागल हूँ , कुछ भी बोल सकता हूँ। । हैं न ? अबे, में अमबष को पूनम बना सकता हूँ रे, में पागल हूँ ! में दो शादी करने वाला कल्कि नहीं हूँ , में केवल पारवती पति हूँ सुनना क्या चाहते हो ? में पागल हूँ ! कुछ भी बोल सकता हूँ देखते जाओ मेरा करतूत सपक्ष हो या बिपक्ष हो ? अगर मैने दूसरा विवाह कर ली तो में नारायण का १०म अवतार कल्कि बन जाऊंगा - जिस से सबलोग डरते हैं, और डरते रहेंगे । अगर मैंने दूसरा विवाह नहीं की तो में देवो का देव महादेव बन जाऊंगा - जो सब से प्यारा भोला हैं, और वह बहुत दयालुभी हैं। ये आप का निर्णय - विवाह करू या न करू ? कल्कि चाहिए या नृपेन ? मैंने आपका यह वीडियो करेक्ट कr लिया चाहो तो डौन्लोड कर सकते हो कृष्णा अष्टमी - जन्मास्टमी - अष्टम अवतार - काला अंधकार कली का आगमन। शुक्ला दशमी - दशम अवतार - तमाशो माँ ज्योत्रि गमय - सत्य युग का आगमन।
उमा को महेस्वर लेके गयाथा , और लेके आएंगे में हूँ या नहीं हूँ ?

तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे तेरे स्थिति ।
तेरा होगा बड़ा एहसान,
के युग युग तेरी रहेगी शान ॥



डोल उठी है सारी धरती देख रे,
डोला गगन है सारा ।
भीख मांगने आया तेरे घर,
जगत का पालनहारा ।
मैं आज तेरा मेहमान,
कर के रे मुझ से जरा पहचान ॥
भक्त भर दे तेरे स्थिति ।
॥ तेरे द्वार खड़ा भगवान...॥

आज घुमा दे रे करवट अपना ,
मान ले रे कहना मेरा ।
मिट जायेगा पल में तेरा,
जनम जनम का फेरा रे ।
तू छोड़ सकल अभिमान,
कर के रे मुझ से जरा पहचान ॥
भक्त भर दे तेरे स्थिति ।
॥ तेरे द्वार खड़ा भगवान...॥

तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे तेरे स्थिति ।
तेरा होगा बड़ा एहसान,
के युग युग तेरी रहेगी शान ॥

तेरा चुनरी में दाग, छुपाओ कैसे
लागा, चुनरी में दाग ??
हो गई मैली तेरी चुनरिया
आ ... आके बाबुल से, नज़रें मिलाओ कैसे, घर आओ कैसे
तेरा चुनरी में दाग ...


jo रोज तेरे सपने में आते रहे, दिल लुभाते रहे ?
ये बतादो बतादो , के में यहीं हूँ नहीं ? यहीं हूँ नहीं ?
तुझे
हर घर ट्रिंगा नहीं, हर घर मारुती, ट्रिंगा नहीं
संभल जाओ अशुरों
मानष पुत्र


भागो कुत्ते क्यू आयेहो यहाँ
चले जाओ
भाग !


िडंग न माह


तुम एक खिलोने हो, एक ऐसे खिलारिके , जिसको अभी सदियोतक , ये खेल रचना हैं

फिर भी ना आया लुटेरा, रुलाके गया सपना तेरा


में यहाँ हूँ या नहीं हूँ , बताओ

समझने wale

परम dham

जिसके सपने तुझे रोज़ आते रहे

मर्दानगी ? जिसका दादी मा, माँ , पत्नी पुत्री जिन्दा हैं, वह शव बहुत भाग्यशाली हैं
लड़की संभल छोरा, उदा चला जाये रे , गाँधी भगाओ छोरा चांदी उर्द जाएँ रे , मार न दे बैंक तेरा गांड कही हाई रे !



jo रोज तेरे सपने में आते रहे, दिल लुभाते रहे ?
ये बतादो बतादो , के में यहीं हूँ नहीं ? यहीं हूँ नहीं ?
तुझे
हर घर ट्रिंगा नहीं, हर घर मारुती, ट्रिंगा नहीं
संभल जाओ अशुरों
मानष पुत्र
भागो कुत्ते क्यू आयेहो यहाँ
चले जाओ भाग !
िडंग न माह

तुम एक खिलोने हो, एक ऐसे खिलारिके , जिसको अभी सदियोतक , ये खेल रचना हैं
फिर भी ना आया लुटेरा, रुलाके गया सपना तेरा
में यहाँ हूँ या नहीं हूँ , बताओ
समझने wale
परम dham
जिसके सपने तुझे रोज़ आते रहे
मर्दानगी ? जिसका दादी मा, माँ , पत्नी पुत्री जिन्दा हैं, वह शव बहुत भाग्यशाली हैं
लड़की संभल छोरा, उदा चला जाये रे , गाँधी भगाओ छोरा चांदी उर्द जाएँ रे , मार न दे बैंक तेरा गांड कही हाई रे


अबे, में दो शादी करनेवाला नहीं हूँ , में उमापति हूँ, पहचान मुझे, कुत्ते
में एक जालंधर हूँ , परन्तु उल्टा
में यह तीन लोका नाथ हूँ, मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो ।
क्यू ? मिला तेरा महादेव को वहा ? हाहाहाहा ! मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो ।

में तो बहुत अहंकारी हु ना ? जाओ ढूंढो तेरा महादेव को, मंदिर के बाद मंदिर, वो चुप ही रहेंगे, कुछ बोलेंगे नहीं। हम बोलेगा तो बोलोगे के बोलता हैं !!

कोई murkh चले केदरनाथ

छात्रा संभाल छोरा, ऊरा चला जाई रे
मार न दे बैंक तेरा गांड कही हाई।
गाँधी भगाओ छोरा, चांदी चली जाई रे
देख देख पॉकेट फिसल जाई रे
तारा रा रा रा रा रा -- हाहआ

त्रिलोक

पास आना बहुत कठिन हे रे !

आप के पास यह कार्ड हे क्या ?
अगर आप के पास यह कार्ड हे तो क्लिक करे

मिली
Lyrics मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार हमारे आओ ? कैसे ? आऊँ, हे पावन परमेश्वर

में ॐ गांड पे लिखू या गले पे , तेरा क्या मुझसे लेना देना ?
जाऊ, कल्कि ढूँढ , तेरा संख-चक्र-गदा-पद्मा धरी नारायण
मे नारायण नहीं हूँ। पहचान मुझे , में तेरा बासुरी बजाने वाला का बाप हूँ
करक का चाय
दम्भो दर्पोऽभिमानश्च
ईस तृलोक में, मेरे सामने दम्भो दर्पोऽभिमानश्च किसीकाभी दम्भो दर्पोऽभिमानश्च नहीं चलनेवाला बूझ मेरा क्या नाम रे ? नदी किनारे गाओं रे, पीपल झूमे मेरे अंगना, ठंडी ठंडी चाऊ रे

बोलना, के, में यहाँ नहीं हूँ ।
में हूँ या नहीं हूँ ?

हे प्रभु , मुझे बचाओ , देश भाड़ में जाये


मेरा जैसा पेमी, कहीं नहीं मिलेंगे
पब्लिक प्रेमी
क्यू की में उमापति


মোক মহাশয় নকবি

মই মহা শৱ ... মৰা মহা শৱ

কিন্তু মোৰ ওপৰত ি কাৰ আছে .. মহাশিৱ কেলা !



ईशान कोण न मानो तो नृपेन तू तड़पत हरि दर्शन को आज तोरे मोरे बिन बिगरे सकर काज विनती करत तू , रखियो लाज तू तड़पत हरि दर्शन को आज हमारे द्वार का तू हो जोगी तुम्हारी ओर नज़र अब होगी सुनु तेरी व्याकुल मन का बात तू तड़पत हरि दर्शन को आज बिन गुरू ज्ञान कहाँ से पावो ? दूँ जो हरी गुन गाओ सब गुनी जन पे हमारा राज तू तड़पत हरि दर्शन को आज तमाशो माँ ज्योतिर्गमय नहीं करता , भाग तेरा साथ मेरा कुछ लेना देना नहीं। भागो। । चले जाओ मेरा पास कभी आना नहीं english with ... Sheila ka Jawani ! hahahah ! धीराजोवाच सर्वभूतानां अस्मि चेतनानं मेरा जैसा कोई तेरे जिंदगी में आये ? तो बात या मौत बन जाये ? मौत
पिता स्वर्ग, पिता बुद्धिरम, पितहि परमं तपः छतरा संभाल छोरा, उड़ा चला जाये रे मार न दे BANK तेरा गांड कही हाई गाँधी भगाओ छोरा, CHANDI चली जाये रे देख देख POCKET फिसल जाये , तारा रा रा रा रा ! मुझे बुला लो, एक टिकट भेज दो। रात को मेरे साथ रूम में सोवो ३ दिन तेरा प्रॉब्लम ख़तम ! कोई मौत का दर नहीं मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो - ईशान कोण वाला क्या होता हैं ? चुदाई में यहाँ हूँ या नहीं हूँ ? नृपेन्ड़्राई में नृपेन्ड़्राई हर हर बोल में कुछ तो तू ने बोला, ८०% सच अगर तू अपने का अंदर वही को पहचाना चाहेतो हो, तो शिव का १०८ नाम रट्टा लगा ले।। वह तेरेको दिखाई देंगे, बहुत जल्द ! tilak लड़किया, पति चाहिए ? एक लम्बा शिवलिंग ले के आ बाथरूम में रख स्नान करनेका बाद, उसमें बैठ जा। और १०८ नाम जपा ले ! हरामजादे , मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो - ईशान कोण वाला पापा पापा चिल्ला रहेहोना ? तेरा विष्णु / कल्कि तेरा पापा नहीं हैं। तेरा पापा तकला हैं ! तेरा पापा तेरेको सिल्चर में ही नंगा करके गांड मारेंगे और एक सोचनेका बात, में बोलै उसको दंड मिलेंगे। कल्कि / नारायण तो नहीं आने वाला। तो फिर दंड कौन देंगे ?? उत्तर उसीमेंही हैं ! मोक्ष्यता ओह रे ताल मिले नदी के जल में नदी मिले सागर में सागर मिले कौन से जल में कोई जाने ना मेरा मोक्ष्यता नहीं हैं में यहाँ हूँ या नहीं हूँ , बताओ इस दुनिया से मेरा क्या लेना ? क्या देना ? मेरा तो ना सम्मान का मोह, ना अपमान का भय तू जिसको सुवर बोलै उसको देख - वह तो ईस त्रिगुणमयी दुनिया से चल चुके, नारायण का नाम जपते जपते डट कम लक्षिमम सदैव सुमुखिं, प्रददाति सयम्भू - तेरा दो (२) शादी करनेवाला कल्कि नहीं आने वाला ! भूल जा तेरा नारायण को का नाम पुरे मिटटी में मियलिए दिए , इसकी सजा मिलेंगे , बराबर मिलेंगे मेरेको जो बोलना था, में बोल चूका मेरेको अकेला छोड़ दे जग्य नहीं करते हो पूर्णाहुति नहीं देतेहो वेद का बिपक्ष्ये जातेहो ? वह सर, यह पेड़ चलो, चलो milaye खुसी का बात हठी का डाट में जो मन में आई करने जा रहा हूँ रोको मुझे ! मुझे पहचान पाओगे ?? नहीं, कभी नहीं। मेरा माता / पत्नी / पुत्री / बीटा भी मुझे नहीं पहचान सके , और तुम किस खेत की मूली हो ? हर आबे, में दो शादी करनेवाला कल्कि नहीं हूँ , परन्तु साब का गांड मरने वाला एक हूँ हर जीव, हर प्राणी का अंदर में बास करता हूँ ! असत्यमेव परजिते अपरिचित उमापति
Thu Mar 23 23:44:54 IST 2023
mein

तोरे मोरे तू राखऊ हमारे तुम्हारी अब हर तोरे दू जो

तू तड़पत हर दरसन को आज
तोरे मोरे बिन बिगड़े सकल काज
आ, विनती करत, तू , राखऊ लाज, तू तड़पत हर दरसन ...

हमारे द्वार का तू हूँ जोगी
तुम्हारी ओर नज़र अब होगी
सुनु तोरे व्याकुल मन की बात, तड़पत हर दरसन...

बिन गुरू ज्ञान कहाँ से पावो
दु जो ज्ञान हर गुन गावो
सब गुनी जन पे हमरा राज, तू तड़पत हर ...





Fri Apr 21 19:36:50 IST 2023

पिता स्वर्ग, पिता बुद्धिरम, पितहि परमं तपः

छतरा संभाल छोरा, उड़ा चला जाये रे
मार न दे BANK तेरा गांड कही हाई
गाँधी भगाओ छोरा, CHANDI चली जाये रे
देख देख POCKET फिसल जाये रा ,
तारा रा रा रा रा !
मुझे बुला लो, एक टिकट भेज दो।
रात को मेरे साथ रूम में सोवो ३ दिन
तेरा प्रॉब्लम ख़तम !

कोई मौत का दर नहीं

मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो
- ईशान कोण वाला


क्या होता हैं ? चुदाई

में यहाँ हूँ या नहीं हूँ ?
नृपेन्ड़्राई में नृपेन्ड़्राई
हर हर बोल में


कुछ तो तू ने बोला, ८०% सच
अगर तू अपने का अंदर वही को पहचाना चाहेतो हो, तो शिव का १०८ नाम रट्टा लगा ले।।
वह तेरेको दिखाई देंगे, बहुत जल्द !



tilak

लड़किया, पति चाहिए ?
एक लम्बा शिवलिंग ले के आ
बाथरूम में रख
स्नान करनेका बाद, उसमें बैठ जा।
और १०८ नाम जपा ले !


जाओ

हरामजादे , मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो
- ईशान कोण वाला


पापा पापा चिल्ला रहेहोना ? तेरा विष्णु / कल्कि तेरा पापा नहीं हैं। तेरा पापा तकला हैं ! तेरा पापा तेरेको सिल्चर में ही नंगा करके गांड मारेंगे


और एक सोचनेका बात, में बोलै उसको दंड मिलेंगे। कल्कि / नारायण तो नहीं आने वाला। तो फिर दंड कौन देंगे ?? उत्तर उसीमेंही हैं !

मोक्ष्यता

ओह रे ताल मिले नदी के जल में
नदी मिले सागर में
सागर मिले कौन से जल में
कोई जाने ना

मेरा मोक्ष्यता नहीं हैं



में यहाँ हूँ या नहीं हूँ , बताओ


इस दुनिया से मेरा क्या लेना ? क्या देना ?


मेरा तो ना सम्मान का मोह, ना अपमान का भय
तू जिसको सुवर बोलै उसको देख - वह तो ईस त्रिगुणमयी दुनिया से चल चुके, नारायण का नाम जपते जपते

डट कम


लक्षिमम सदैव सुमुखिं, प्रददाति सयम्भू - तेरा दो (२) शादी करनेवाला कल्कि नहीं आने वाला ! भूल जा तेरा नारायण को

का नाम पुरे मिटटी में मियलिए दिए , इसकी सजा मिलेंगे , बराबर मिलेंगे


मेरेको जो बोलना था, में बोल चूका
मेरेको अकेला छोड़ दे



जग्य नहीं करते हो
पूर्णाहुति नहीं देतेहो
वेद का बिपक्ष्ये जातेहो ?
वह सर, यह पेड़
चलो, चलो

milaye


खुसी का बात हठी का डाट
में जो मन में आई करने जा रहा हूँ
रोको मुझे !


मुझे पहचान पाओगे ?? नहीं, कभी नहीं।
मेरा माता / पत्नी / पुत्री / बीटा भी मुझे नहीं पहचान सके , और तुम किस खेत की मूली हो ?
हर
आबे, में दो शादी करनेवाला कल्कि नहीं हूँ , परन्तु साब का गांड मरने वाला एक हूँ

हर जीव, हर प्राणी का अंदर में बास करता हूँ !


असत्यमेव परजिते

अपरिचित उमापति

mein

तोरे मोरे तू राखऊ हमारे तुम्हारी अब हर तोरे दू जो

तू तड़पत हर दरसन को आज
तोरे मोरे बिन बिगड़े सकल काज
आ, विनती करत, तू , राखऊ लाज, तू तड़पत हर दरसन ...

हमारे द्वार का तू हूँ जोगी
तुम्हारी ओर नज़र अब होगी
सुनु तोरे व्याकुल मन की बात, तड़पत हर दरसन...

बिन गुरू ज्ञान कहाँ से पावो
दु जो ज्ञान हर गुन गावो
सब गुनी जन पे हमरा राज, तू तड़पत हर ...

मैंने तुझको जहमें भेजा, निर्मल देकर काया और तुम हो गए होना तो छोड़
कौन हूँ में ? कहाँ से में आया ? अमेरिका से आया जगमें
मुस्लमान नौशाद कौन ? वह मेंहीं था, मुझे पहचान !

ज्ञान खरीदोगे ?


बोलेगे तो बोलोगे कि बोलता है वह



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मुझको नहीं देखा तुमने कभी
पर इसकी ज़रुरत क्या होगी
तेरा माँ, तेरा माँकी जो सूरतसे अलग
भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी
मुझे तो नहीं देखा तुमने कभी

इनसान तो क्या देवता भी
आँचल में पले उसके
है स्वर्ग इसी दुनिया में
क़दमों के तले उसके
ममता ही लुटाये जिसके नयन
ऐसी कोई मूरत कहा क्या होगी
तेरा माँ, तेरा माँकी जो सूरत से अलग
भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी
मुझे तो नहीं देखा तुमने कभी

क्यों धूप जलाए दुखों की
क्यों गम की घटा बरसे
ये हाथ दुआओं वाले
रहते हैं सदा सर पे
वह है तो अँधेरे पथ में तेरे
सूरज की ज़रुरत क्या होगी

तेरा माँ, तेरा माँकी जो सूरत से अलग
भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी
मुझे तो नहीं देखा तुमने कभी


कहते हैं मेरी शान में जो
कोई ऊँचे बोल नहीं
भगवान के पास भी माता
मेरे प्यार का मोल नहीं
तुम तो यही जानें मुझसे बड़ा
संसार की दौलत क्या होगा
तेरा माँ, तेरा माँकी जो सूरत से अलग
भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी
मुझे तो नहीं देखा तुमने कभी

जो
bhasmashur

goobar

जाओ खमा कर दिया, में दया का सागर हूँ

पाऊँ में डोरी


जब मुझमे तेरा पिता और तेरा माता दिख जाओगे
तेरे मोक्ष्यता हो जायेंगे
-अभिनव बरथाकुर
बरठकुर था था था ठा

भव ज्ञान भगवान

नर + इंद्र = नरेंद्र =
नृपति = नर + पति =
नृप + इंद्र = नृपेंद्र

अभी + नव = अभिनव
ठाकुर + बर = बरठकुर





भगवान को खाने के लिए बुलाना चाहते हो ? जाओ, पहले कोई भूखा हे या नहीं ढून्ढ ले। जब कोई भूखा नहीं मिलेंगे, भगवान खुद तेरे घर खाने के लिए आ जायेंगे ! पहले सत्य ढूंढ - महादेव तेरे साथ हैं, सत्य के साथ हैं : जिसका छोटी नहीं हैं, वह सनातनी नहीं हैं। सत्य युग में केवल सनातनी रहेगे, और कोई नहीं ! महादेव आएंगे, राबड़ी खाएंगे, काशी में रे, बनारस में हरिश्चंद्र घाट को धो के रखो , अगर राबड़ी रस्ते पे न गिरे में हूँ, कियूं हूँ ? हूँ तो , में सत्य हूँ । में महादेव, में महादेव, मेरा नाम सदा लिया जायेगा मुझसेही सब आरम्भ हुए, मुझ्पेही अंत हो जाएंगेा ! यहाँ कोई भी नहीं हैं, अकेला हो, अकेला था, अकेलाही रहोगे अपने को समझ, तू ही में हूँ, में ही तुम । ऐसे हे खेल रहा हूँ , क्यूँकी यहाँ कोई भी नहीं हैं दूसरा ! अरे कहाँ है बे दूसरा ? जहाँ ना अमृत, ना बिष , ना सुख , ना दुःख । ना स्वर्ग, ना नरक, वही परम आनंद हैं। उसी परम आनंद के लिए, ये यात्रा हे तुम्हारी ये यात्रा, अनंत के सानिध्य के हैं । और ये यात्रामे, में प्रतिपल तुम्हारे साथ हूँ, मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो।

मैं दो शादी करनेवाला कल्कि नहीं हूँ , में उसका पिता हूँ । तू मेरा पत्नी नहीं बनोगे, क्यू की में राम नहीं हूँ , में रामेस्वर हूँ में नृपेन्द्र्य, में नृपेन्द्र्य, हर हर बोल नृपेन्द्र्य में किसीसे रूठता नहीं, कभी नहीं। केवल समय देता हूँ - खुदको समझनेके लिए। कौन हो तुम ? दोल उठी है सारी धरती देख रे डोला गगन है सारा भीख मांगने आया तेरे घर जगत का पालनहारा रे जगत का पालनहारा मैं आज तेरा मेहमान कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान में एक प्रश्ना पूछा - में यहाँ हूँ या नहीं हूँ ? बताओ शुक्ला तृतीया तिथि, सावनको जाने do शुक्ल दसमी तिथि - सावन महीना दसमी dashami हे प्रभु कब आओगे ? चलो एक बार फिर से प्रकट होनेवाला हूँ कौन हूँ में ? भारत का रहनेवाला हूँ तथा चाणक्य का नाना हूँ 🦂 आयी है बाहरे मिठे ज़ुल्मो Mite Zulmo (Video Song) | Ram Aur Shyam प्राग्ज्योतिषपुर चले जाओ yahase शिवा १ लाख ४० हजार कॉन्ट्रैक्ट की देखना ५०० बना देंगे - १ जुलाई को शिव संकर भोले भाले भोले , बेंड बजाने वाले भोले कल्कि नहीं आ रहे हे। महासेन आ रहे हैं हैं एक इंजीनियर, ग्रुप mein। धीमहि धियो ईशान कोणवाली - असम २ साल पहले में स्थापन कियाथा - भक्ति और सर्वाधा सहित अभीभी है नुमालीगढ़ रिफाइनरी का क्वार्ठर में क्यू हैं ? है तो। वह रहेंगे । सदैव रहेंगे ! - ईशान कोणवालa धर्म किया हैं ? ध = बुद्धि र्म = में मैं बुद्धिमान हूँ । पृथ्वी समतल खेत्र हैं, गोलक नहीं हैं - वही परम सत्य हैं । सत्य का तारीख था : २६ जुलाई २०१४, साम को ३ बजकर १८ मिनिट। गीता में एक ही अध्याय हैं, जहाँ केबल श्री भगवानुवाचे, अध्याय - १६ । उचमे मनुस्य के लिए परम ज्ञान हैं। आसुरिक सम्पद त्याग करे और, कल्कि को पाए। कल्कि की कृपा पाने के लिए - गीता अध्याय १६ पढ़िए। जो करना हे, अभी करे। कल्कि प्रकट होनेका बाद सभी चेस्टा बिफल होंगे जो क्षमा नहीं करता, वही कल्कि है। गाँधी भगाओ, चांदी खरीदो भयंकर संकट जब चंडी खरीद नहीं पाओगे, तब भयंकर संकट आ जायेंगे - - ईशान कोणवालa
मेरा टट्टी मेरेकोही साफ़ करना होंगे, हैं या नहीं ? बोलो सत्यमेव jayate प्यार क्या हैं ? प्यार नजदीकियां हैं ! कुछ चमाझ में आई ? मन तरपत हरी darshana शुक्ला दशमी - सावन मास, होनेवाला हूँ भगवानोवाच क्यू ? रत को बुरा सपना देखेथे क्या ? दोल उठी है सारी धरती देख रे डोला गगन है सारा आज लुटा दे रे करवत अपना मान ले कहना मेरा मिट जाएगा पल में तेरा जनम जनम का फेरा रे तू छोड़ शकल अभीमान कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान -- में अदभुत नहीं हूँ । तुम हो अपने सरीर को देख । कैसे सबेरे टट्टी होते हैं , कैसे भूख लगते हैं , परन्तु किसको पता हे ये ? तुझे ! हैं या नहीं ? तुम्हारा सरीर अदभुत हैं , में उसमें निबास करता हूँ। पता करता हूँ , क्या हो रहा हैं ! मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो। तेरा ही अंदर बिलकुल सही बात, परन्तु कौन सुनेगा ? कोई नहीं सबलोग बकरा बन गएहैं । अपने बच्चो को बकरा स्कूल में दाखिल कर दिए हैं ! मुझे ढूंढो मत, केवल pehchano में को उल्टा दो - ॐ हो गया अब तक छप्पन गाना में क्या गया, ठीक से सुनो और अर्थ निकालो सत्यमेव पराजिते राजा बांके आना रे मोहे लेके जाना रे बांसुरी नहीं बजेंगे, बंद बजेंगे, इस बा करेना चौपट करेना करना करूणा करना ! कम akkal nrak पता करो - में निस्कलंक हूँ या नहीं हथियार से हक़ मिलता हैं अभीनव बरठाकुर में हूँ, कियूं हूँ ? हूँ तो , में सत्य हूँ यहाँ कोई भी नहीं हैं, अकेला हो, अकेला था, अकेलाही रहोगे अपने को समझ, तू ही में हूँ, में ही तुम । ऐसे हे खेल रहा हूँ , क्यूँकी यहाँ कोई भी नहीं हैं दूसरा ! अरे कहाँ है बे दूसरा ? जहाँ ना अमृत, ना बिष , ना सुख , ना दुःख । ना स्वर्ग, ना नरक, वही परम आनंद हैं। उसी परम आनंद के लिए, ये यात्रा हे तुम्हारी ये यात्रा, अनंत के सानिध्य के हैं । और ये यात्रामे, में प्रतिपल तुम्हारे साथ हूँ, मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो। भी hindi में किसीसे रूठता नहीं, कभी नहीं। केवल समय देता हूँ - खुदको समझनेके लिए। कौन हो तुम ? दोल उठी है सारी धरती देख रे डोला गगन है सारा भीख मांगने आया तेरे घर जगत का पालनहारा रे जगत का पालनहारा मैं आज तेरा मेहमान कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान में एक प्रश्ना पूछा - में यहाँ हूँ या नहीं हूँ ? बताओ शुक्ला तृतीया तिथि, सावनको जाने do शुक्ल दसमी तिथि - सावन महीना दसमी dashami हे प्रभु कब आओगे ? चलो एक बार फिर से प्रकट होनेवाला हूँ कौन हूँ में ? भारत का रहनेवाला हूँ तथा चाणक्य का नाना हूँ 🦂 आयी है बाहरे मिठे ज़ुल्मो Mite Zulmo (Video Song) | Ram Aur Shyam प्राग्ज्योतिषपुर चले जाओ yahase शिवा १ लाख ४० हजार कॉन्ट्रैक्ट की देखना ५०० बना देंगे - १ जुलाई को शिव संकर भोले भाले भोले , बेंड बजाने वाले भोले कल्कि नहीं आ रहे हे। महासेन आ रहे हैं हैं एक इंजीनियर, ग्रुप mein। धीमहि धियो ईशान कोणवाली - असम २ साल पहले में स्थापन कियाथा - भक्ति और सर्वाधा सहित अभीभी है नुमालीगढ़ रिफाइनरी का क्वार्ठर में क्यू हैं ? है तो। वह रहेंगे । सदैव रहेंगे ! - ईशान कोणवाला हूँ । धर्म किया हैं ? ध = बुद्धि र्म = में मैं बुद्धिमान हूँ । पृथ्वी समतल खेत्र हैं, गोलक नहीं हैं - वही परम सत्य हैं । सत्य का तारीख था : २६ जुलाई २०१४, साम को ३ बजकर १८ मिनिट। गीता में एक ही अध्याय हैं, जहाँ केबल श्री भगवानुवाचे, अध्याय - १६ । उचमे मनुस्य के लिए परम ज्ञान हैं। आसुरिक सम्पद त्याग करे और, कल्कि को पाए। कल्कि की कृपा पाने के लिए - गीता अध्याय १६ पढ़िए। जो करना हे, अभी करे। कल्कि प्रकट होनेका बाद सभी चेस्टा बिफल होंगे जो क्षमा नहीं करता, वही कल्कि है। गाँधी भगाओ, चांदी खरीदो भयंकर संकट जब चंडी खरीद नहीं पाओगे, तब भयंकर संकट आ जायेंगे - - ईशान कोणवाला हूँ मेरा टट्टी मेरेकोही साफ़ करना होंगे, हैं या नहीं ? बोलो सत्यमेव jayate प्यार क्या हैं ? प्यार नजदीकियां हैं ! कुछ चमाझ में आई ? मन तरपत हरी darshana शुक्ला दशमी - सावन मास, होनेवाला हूँ भगवानोवाच क्यू ? रत को बुरा सपना देखेथे क्या ? दोल उठी है सारी धरती देख रे डोला गगन है सारा आज लुटा दे रे करवत अपना मान ले कहना मेरा मिट जाएगा पल में तेरा जनम जनम का फेरा रे तू छोड़ शकल अभीमान कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान -- में अदभुत नहीं हूँ । तुम हो अपने सरीर को देख । कैसे सबेरे टट्टी होते हैं , कैसे भूख लगते हैं , परन्तु किसको पता हे ये ? तुझे ! हैं या नहीं ? तुम्हारा सरीर अदभुत हैं , में उसमें निबास करता हूँ। पता करता हूँ , क्या हो रहा हैं ! मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो। तेरा ही अंदर बिलकुल सही बात, परन्तु कौन सुनेगा ? कोई नहीं सबलोग बकरा बन गएहैं । अपने बच्चो को बकरा स्कूल में दाखिल कर दिए हैं ! मुझे ढूंढो मत, केवल pehchano में को उल्टा दो - ॐ हो गया अब तक छप्पन गाना में क्या गया, ठीक से सुनो और अर्थ निकालो सत्यमेव पराजिते राजा बांके आना रे मोहे लेके जाना रे बांसुरी नहीं बजेंगे, बंद बजेंगे, इस बा करेना चौपट करेना करना करूणा करना ! कम akkal nrak पता करो - में निस्कलंक हूँ या नहीं हथियार से हक़ मिलता हैं अभीनव बरठाकुर कहा रे दूसरा तरीका ? में बताऊ ?? जितने भी हैं , उनका ठिकाना पब्लिश हो जाये, क्यू की में वह आ के मजे ले सकू जब तक अहंकार रहेंगे, तुम मुझे नहीं पेहचानोगे । अघोरी हो के भटकते ही रहेंगे। मुझे तुमने किया, कोई बात नहीं। में तेरेको एक परिक्ष्या दिया था, तुम फ़ैल हो गए। जाओ फिरसे शिवा का ध्यान करो सीता ? द्रौपदी ? अब आल्पना पिता के भी पिता जतो जीव ततो शिव क्या आप शर्रहेहो हैं कि आपने वह शब्द कहा था? क्या आप शर्मनाक हैं कि आपने वह शब्द कहा था? प्रह्लाद ? कुछ ज्यादा तो नहीं बोल दिए तूने ? में निष्काम कर्म कर लेता हूँ मेरा नंबर तो फेसबुक में नहीं हैं। मेरा पसंद या नापसंद में कोई फर्क नहीं हैं तुम्हारे गाऊँ कोई आएगा में सनातनी मुझे ताना तानी मत करो , में भी तुम्हे नहीं करता तुम्हे में एक शव हूँ। उसमें ी लगाओ । में शिव बन गया। उमा को महेस्वर लेके गयाथा , और लेके आएंगे
28May 2022
में तो एक पाषाण हूँ। सुख की बारिश ने मुझे बहुत बिग्लाया । फिर, दुःख की अग्निने मुझे इतना जलाया, अब तो न मुझे कोईभी सुख की बारिश नहीं भीगा सकते हैं, ना दुःख की अग्नि मुझे ज्वाला सकते हे। क्यूंकि, में जलते जलते इतना गरम हो गया हु, के बारिश टपकनेसेही वह भाप हो जातें हैं। फिर भी में हूँ , यहीं हूँ , था और रहूँगा , सदैबा !!

18June 2022

साधुभ्यस्ते निवर्तन्ते पुत्रामित्राणि बान्धवाः ।
ये च तैः सह गन्तारस्तध्दर्मात्सुकृतं कुलम् ।।२।।



पुत्र , मित्र, सगे सम्बन्धी साधुओं को देखकर दूर भागते है, लेकिन जो लोग साधुओं का अनुशरण करते है उनमे भक्ति जागृत होती है और उनके उस पुण्य से उनका सारा कुल धन्य हो जाता है 




Fri Jun 24 20:58:54 IST 2022
पत्नी और माँ में अंतर
वही काम करते हैं - खाना पकाना, कपड़ा धोना
परन्तु , कोई परेशान करता है, कोई नहीं ! बताओ कौन क्या हैं

मेरा कुछ काम हैं, करके जाऊंगा
तेरे जैसे आदमिओं का गांड मारूंगा

भगाया न शिंदे को ? हैं या नहीं , एक ही रात में !
में यहाँ हूँ या नहीं हूँ ? बताओ !
समर्पण
शिव का साथ पन्गा ले सकते हो, महादेव का साथ नहीं , समझे ?

चतरा संभाल छोरा , उड़ा चला जाएरे
मार न दें बैंक तेरा, गांड कहीं हाई
गाँधी भगाओ छोरा , चांदी धुकाओ रे
मार न दें बैंक तेरा, गांड कहीं हाई
देख देख पॉकेट फिसल जाएरे।
चा रा रा रा रा रा रा



तू तड़पत हरि दर्शन को आज
तोरे मोरे बिन बिगरे सकर काज
विनती करत तू , रखियो लाज
तू तड़पत हरि दर्शन को आज

हमारे द्वार का तू हूँ जोगी
तुम्हारी ओर नज़र अब होगी
सुनु तेरी व्याकुल मन का बात
तू तड़पत हरि दर्शन को आज

बिन गुरू ज्ञान कहाँ से पावो ?
दूँ जो दान हरी गुन गाओ
सब गुनी जन पे हमारा राज
तू तड़पत हरि दर्शन को आज


भगवान को खाने के लिए बुलाना चाहते हो ? जाओ, पहले कोई भूखा हे या नहीं ढून्ढ ले। जब कोई भूखा नहीं मिलेंगे, भगवान खुद तेरे घर खाने के लिए आ जायेंगे ! पहले सत्य ढूंढ - का पिता

महादेव तेरे साथ हैं, सत्य के साथ हैं : जिसका छोटी नहीं हैं, वह सनातनी नहीं हैं। सत्य युग में केवल सनातनी रहेगे, और कोई नहीं !

महादेव आएंगे, राबड़ी खाएंगे, काशी में रे, बनारस में
हरिश्चंद्र घाट को धो के रखो , अगर राबड़ी रस्ते पे न गिरे


में हूँ, कियूं हूँ ? हूँ तो , में सत्य हूँ । में महादेव, में महादेव, मेरा नाम सदा लिया जायेगा
मुझसेही सब आरम्भ हुए, मुझ्पेही अंत हो जाएंगेा !
यहाँ कोई भी नहीं हैं, अकेला हो, अकेला था, अकेलाही रहोगे
अपने को समझ, तू ही में हूँ, में ही तुम । ऐसे हे खेल रहा हूँ , क्यूँकी यहाँ कोई भी नहीं हैं दूसरा !
अरे कहाँ है बे दूसरा ?

जहाँ ना अमृत, ना बिष , ना सुख , ना दुःख ।
ना स्वर्ग, ना नरक, वही परम आनंद हैं।
उसी परम आनंद के लिए, ये यात्रा हे तुम्हारी
ये यात्रा, अनंत के सानिध्य के हैं ।
और ये यात्रामे, में प्रतिपल तुम्हारे साथ हूँ,
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो।


मैं दो शादी करनेवाला कल्कि नहीं हूँ , में उसका पिता हूँ । तू मेरा पत्नी नहीं बनोगे, क्यू की में राम नहीं हूँ , में रामेस्वर हूँ
में नृपेन्द्र्य, में नृपेन्द्र्य, हर हर बोल नृपेन्द्र्य

में किसीसे रूठता नहीं, कभी नहीं। केवल समय देता हूँ - खुदको समझनेके लिए। कौन हो तुम ?
दोल उठी है सारी धरती
देख रे डोला गगन है सारा
भीख मांगने आया तेरे घर
जगत का पालनहारा रे
जगत का पालनहारा
मैं आज तेरा मेहमान
कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान
में एक प्रश्ना पूछा - में यहाँ हूँ या नहीं हूँ ? बताओ



शुक्ला तृतीया तिथि, सावनको जाने do
शुक्ल दसमी तिथि - सावन महीना दसमी dashami

हे प्रभु कब आओगे ?


चलो एक बार फिर से


प्रकट होनेवाला हूँ


कौन हूँ में ?


भारत का रहनेवाला हूँ

तथा चाणक्य का नाना हूँ 🦂

आयी है बाहरे मिठे ज़ुल्मो Mite Zulmo (Video Song) | Ram Aur Shyam



प्राग्ज्योतिषपुर

चले जाओ yahase

शिवा

१ लाख ४० हजार कॉन्ट्रैक्ट की देखना ५०० बना देंगे - १ जुलाई को
शिव संकर भोले भाले भोले , बेंड बजाने वाले भोले

कल्कि नहीं आ रहे हे। महासेन आ रहे हैं


हैं एक इंजीनियर, ग्रुप mein।
धीमहि धियो

ईशान कोणवाली - असम

२ साल पहले में स्थापन कियाथा - भक्ति और सर्वाधा सहित अभीभी है नुमालीगढ़ रिफाइनरी का क्वार्ठर में
क्यू हैं ? है तो। वह रहेंगे । सदैव रहेंगे !
- ईशान कोणवालa

धर्म किया हैं ? ध = बुद्धि र्म = में मैं बुद्धिमान हूँ । पृथ्वी समतल खेत्र हैं, गोलक नहीं हैं - वही परम सत्य हैं । सत्य का तारीख था : २६ जुलाई २०१४, साम को ३ बजकर १८ मिनिट। गीता में एक ही अध्याय हैं, जहाँ केबल श्री भगवानुवाचे, अध्याय - १६ । उचमे मनुस्य के लिए परम ज्ञान हैं। आसुरिक सम्पद त्याग करे और, कल्कि को पाए। कल्कि की कृपा पाने के लिए - गीता अध्याय १६ पढ़िए। जो करना हे, अभी करे। कल्कि प्रकट होनेका बाद सभी चेस्टा बिफल होंगे जो क्षमा नहीं करता, वही कल्कि है।

गाँधी भगाओ, चांदी खरीदो
भयंकर संकट
जब चंडी खरीद नहीं पाओगे, तब भयंकर संकट आ जायेंगे -
- ईशान कोणवालa


मेरा टट्टी मेरेकोही साफ़ करना होंगे, हैं या नहीं ? बोलो

सत्यमेव jayate



प्यार क्या हैं ? प्यार नजदीकियां हैं !


कुछ चमाझ में आई ? मन तरपत हरी darshana

शुक्ला दशमी - सावन मास, होनेवाला हूँ


भगवानोवाच


क्यू ? रत को बुरा सपना देखेथे क्या ?

दोल उठी है सारी धरती
देख रे डोला गगन है सारा
आज लुटा दे रे करवत अपना
मान ले कहना मेरा
मिट जाएगा पल में तेरा
जनम जनम का फेरा रे
तू छोड़ शकल अभीमान
कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान
--

में अदभुत नहीं हूँ । तुम हो
अपने सरीर को देख ।
कैसे सबेरे टट्टी होते हैं , कैसे भूख लगते हैं , परन्तु किसको पता हे ये ? तुझे ! हैं या नहीं ?
तुम्हारा सरीर अदभुत हैं , में उसमें निबास करता हूँ। पता करता हूँ , क्या हो रहा हैं !
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो। तेरा ही अंदर


बिलकुल सही बात, परन्तु कौन सुनेगा ? कोई नहीं सबलोग बकरा बन गएहैं । अपने बच्चो को बकरा स्कूल में दाखिल कर दिए हैं !

मुझे ढूंढो मत, केवल pehchano

में को उल्टा दो - ॐ हो गया

अब तक छप्पन

गाना में क्या गया, ठीक से सुनो और अर्थ निकालो


सत्यमेव पराजिते



राजा बांके आना रे
मोहे लेके जाना रे

बांसुरी नहीं बजेंगे, बंद बजेंगे, इस बा

करेना चौपट करेना

करना करूणा करना !


कम akkal nrak


पता करो - में निस्कलंक हूँ या नहीं

हथियार से हक़ मिलता हैं

अभीनव बरठाकुर
में हूँ, कियूं हूँ ? हूँ तो , में सत्य हूँ
यहाँ कोई भी नहीं हैं, अकेला हो, अकेला था, अकेलाही रहोगे
अपने को समझ, तू ही में हूँ, में ही तुम । ऐसे हे खेल रहा हूँ , क्यूँकी यहाँ कोई भी नहीं हैं दूसरा !
अरे कहाँ है बे दूसरा ?

जहाँ ना अमृत, ना बिष , ना सुख , ना दुःख ।
ना स्वर्ग, ना नरक, वही परम आनंद हैं।
उसी परम आनंद के लिए, ये यात्रा हे तुम्हारी
ये यात्रा, अनंत के सानिध्य के हैं ।
और ये यात्रामे, में प्रतिपल तुम्हारे साथ हूँ,
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो।


भी
hindi

में किसीसे रूठता नहीं, कभी नहीं। केवल समय देता हूँ - खुदको समझनेके लिए। कौन हो तुम ?
दोल उठी है सारी धरती
देख रे डोला गगन है सारा
भीख मांगने आया तेरे घर
जगत का पालनहारा रे
जगत का पालनहारा
मैं आज तेरा मेहमान
कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान
में एक प्रश्ना पूछा - में यहाँ हूँ या नहीं हूँ ? बताओ



शुक्ला तृतीया तिथि, सावनको जाने do
शुक्ल दसमी तिथि - सावन महीना दसमी dashami

हे प्रभु कब आओगे ?


चलो एक बार फिर से


प्रकट होनेवाला हूँ


कौन हूँ में ?


भारत का रहनेवाला हूँ

तथा चाणक्य का नाना हूँ 🦂

आयी है बाहरे मिठे ज़ुल्मो Mite Zulmo (Video Song) | Ram Aur Shyam



प्राग्ज्योतिषपुर

चले जाओ yahase

शिवा

१ लाख ४० हजार कॉन्ट्रैक्ट की देखना ५०० बना देंगे - १ जुलाई को
शिव संकर भोले भाले भोले , बेंड बजाने वाले भोले

कल्कि नहीं आ रहे हे। महासेन आ रहे हैं


हैं एक इंजीनियर, ग्रुप mein।
धीमहि धियो

ईशान कोणवाली - असम

२ साल पहले में स्थापन कियाथा - भक्ति और सर्वाधा सहित अभीभी है नुमालीगढ़ रिफाइनरी का क्वार्ठर में
क्यू हैं ? है तो। वह रहेंगे । सदैव रहेंगे !
- ईशान कोणवाला हूँ ।

धर्म किया हैं ? ध = बुद्धि र्म = में मैं बुद्धिमान हूँ । पृथ्वी समतल खेत्र हैं, गोलक नहीं हैं - वही परम सत्य हैं । सत्य का तारीख था : २६ जुलाई २०१४, साम को ३ बजकर १८ मिनिट। गीता में एक ही अध्याय हैं, जहाँ केबल श्री भगवानुवाचे, अध्याय - १६ । उचमे मनुस्य के लिए परम ज्ञान हैं। आसुरिक सम्पद त्याग करे और, कल्कि को पाए। कल्कि की कृपा पाने के लिए - गीता अध्याय १६ पढ़िए। जो करना हे, अभी करे। कल्कि प्रकट होनेका बाद सभी चेस्टा बिफल होंगे जो क्षमा नहीं करता, वही कल्कि है।

गाँधी भगाओ, चांदी खरीदो
भयंकर संकट
जब चंडी खरीद नहीं पाओगे, तब भयंकर संकट आ जायेंगे -
- ईशान कोणवाला हूँ


मेरा टट्टी मेरेकोही साफ़ करना होंगे, हैं या नहीं ? बोलो

सत्यमेव jayate



प्यार क्या हैं ? प्यार नजदीकियां हैं !



कुछ चमाझ में आई ? मन तरपत हरी darshana

शुक्ला दशमी - सावन मास, होनेवाला हूँ


भगवानोवाच


क्यू ? रत को बुरा सपना देखेथे क्या ?

दोल उठी है सारी धरती
देख रे डोला गगन है सारा
आज लुटा दे रे करवत अपना
मान ले कहना मेरा
मिट जाएगा पल में तेरा
जनम जनम का फेरा रे
तू छोड़ शकल अभीमान
कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान
--

में अदभुत नहीं हूँ । तुम हो
अपने सरीर को देख ।
कैसे सबेरे टट्टी होते हैं , कैसे भूख लगते हैं , परन्तु किसको पता हे ये ? तुझे ! हैं या नहीं ?
तुम्हारा सरीर अदभुत हैं , में उसमें निबास करता हूँ। पता करता हूँ , क्या हो रहा हैं !
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो। तेरा ही अंदर


बिलकुल सही बात, परन्तु कौन सुनेगा ? कोई नहीं सबलोग बकरा बन गएहैं । अपने बच्चो को बकरा स्कूल में दाखिल कर दिए हैं !

मुझे ढूंढो मत, केवल pehchano

में को उल्टा दो - ॐ हो गया

अब तक छप्पन

गाना में क्या गया, ठीक से सुनो और अर्थ निकालो


सत्यमेव पराजिते



राजा बांके आना रे
मोहे लेके जाना रे

बांसुरी नहीं बजेंगे, बंद बजेंगे, इस बा

करेना चौपट करेना

करना करूणा करना !


कम akkal nrak


पता करो - में निस्कलंक हूँ या नहीं

हथियार से हक़ मिलता हैं

अभीनव बरठाकुर

कहा रे दूसरा तरीका ?

में बताऊ ?? जितने भी हैं , उनका ठिकाना पब्लिश हो जाये, क्यू की में वह आ के मजे ले सकू

जब तक अहंकार रहेंगे, तुम मुझे नहीं पेहचानोगे । अघोरी हो के भटकते ही रहेंगे। मुझे तुमने किया, कोई बात नहीं। में तेरेको एक परिक्ष्या दिया था, तुम फ़ैल हो गए। जाओ फिरसे शिवा का ध्यान करो

सीता ? द्रौपदी ? अब आल्पना

पिता के भी पिता
जतो जीव ततो शिव

क्या आप शर्रहेहो हैं कि आपने वह शब्द कहा था?

क्या आप शर्मनाक हैं कि आपने वह शब्द कहा था?

प्रह्लाद ? कुछ ज्यादा तो नहीं बोल दिए तूने ?

में निष्काम कर्म कर लेता हूँ

मेरा नंबर तो फेसबुक में नहीं हैं।

मेरा पसंद या नापसंद में कोई फर्क नहीं हैं


तुम्हारे गाऊँ कोई आएगा

में सनातनी
मुझे ताना तानी मत करो , में भी तुम्हे नहीं करता तुम्हे
में एक शव हूँ। उसमें ी लगाओ । में शिव बन गया।




उमा को महेस्वर लेके गयाथा , और लेके आएंगे




में हूँ या नहीं हूँ ?

करवट

तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे तेरे स्थिति ।
तेरा होगा बड़ा एहसान,
के युग युग तेरी रहेगी शान ॥

डोल उठी है सारी धरती देख रे,
डोला गगन है सारा ।
भीख मांगने आया तेरे घर,
जगत का पालनहारा ।
मैं आज तेरा मेहमान,
कर के रे मुझ से जरा पहचान ॥
भक्त भर दे तेरे स्थिति ।
॥ तेरे द्वार खड़ा भगवान...॥

आज घुमा दे रे करवट अपना ,
मान ले रे कहना मेरा ।
मिट जायेगा पल में तेरा,
जनम जनम का फेरा रे ।
तू छोड़ सकल अभिमान,
कर के रे मुझ से जरा पहचान ॥
भक्त भर दे तेरे स्थिति ।
॥ तेरे द्वार खड़ा भगवान...॥

तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर ।
तेरा होगा बड़ा एहसान,
के युग युग तेरी रहेगी शान ॥



में ही भगवान का पिता हूँ भगवान का भी



तेरा चुनरी में दाग, छुपाओ कैसे
लागा, चुनरी में दाग ??
हो गई मैली तेरी चुनरिया
आ ... आके बाबुल से, नज़रें मिलाओ कैसे, घर आओ कैसे
तेरा चुनरी में दाग ...

इस दुनिया में शिव करोड़ो हैं, परन्तु महादेव सिर्फ एक। तुम कभी में बन न सकोगे, लेकिन मेरे बताये हुए रस्ते पर तो चल सकतेहो !

एक दिनतो तेरेको शिव से शव बननाही होगा ! पागल होना छोड़ दो



ये तो बताओ
में भगवान हूँ या नहीं हूँ ?
अगर में भगवान नहीं हूँ , तो तेरे लिए नहीं हूँ
परन्तु कोई जो मेरेको मानते हैं , उसके लिए तो हूँ ।
है या नहीं ? बताओ
बिग्लाया तो बहुत

Tue Jul 19 20:11:11 IST 2022
चतरा संभाल छोरा , उड़ा चला जाएरे
मार न दें बैंक तेरा, गांड कहीं हाई
गाँधी भगाओ छोरा , चांदी धुकाओ रे
मार न दें बैंक तेरा, गांड कहीं हाई
देख देख पॉकेट फिसल जाएरे।
चा रा रा रा रा रा रा

में तो एक पाषाण हूँ। सुख की बारिश ने मुझे बहुत बिग्लाया । फिर, दुःख की अग्निने मुझे इतना जलाया, अब तो न मुझे कोईभी सुख की बारिश नहीं भीगा सकते हैं ना दुःख की अग्नि मुझे ज्वाला सकते हे। क्यूंकि, में जलते जलते इतना गरम हो गया हु, के बारिश टपकनेसेही वह भाप हो जातें हैं। फिर भी में हूँ , यहीं हूँ , था और रहूँगा , सदैबा



Updated : Friday 07 July 2023 10:55:32 PM IST


तेरा राम यहाँ नहीं हैं
तेरा कृष्णा यहाँ नहीं हैं
यहाँ केवल में हूँ , एक शव होने जा रहा हूँ , परन्तु मेरा ऊपर ी कार हैं , छात्रा हैं । तेरा हैं ?
तू अपना छात्र संभाल !
मुझे कोई भी पहचान नहीं सकते हैं ।

कौन आया ।
आ चूका, धैर्य रख
ढूंढो मत, केवल पहचानो !


तू कभी महादेव नहीं बन सकते हो !
शव होने से पहले, शिव बनना तो कोसिस कमसे कम क्र ना !
क्यू नहीं करते हो ? छात्र संभाल !
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !

१००० रूपया काफी हैं, कल्कि का चैनल तो लाखो में हैं ना। देख लो


में कल्कि नहीं हूँ । में एक तेरा जैसा चलता-फिरता साधारण आदमी हूँ, जिसका न सम्मान का मोह हैं - ना अपमान का भय।
में निर्गुण एक बैरागी हूँ ।
mujhe

भगवान को ढूंढो मत, उसे केवल पहचानो !


कौन हूँ में ? कौन हूँ में ? कहासे में आया ? अमेरिका से '



ना सम्मान का मोह। ना अपमान का भय ।


लगाते रहो मुन्ना भाई - गोल गोल

मेरा हालत तो राम से भी बुरा रे
-रामेस्वर
२२ कैलिबर तिलक

में महादेव, में महादेव
मेरा नाम सदा लिया जायेगा
मुझसेही सब आरम्भ हुए, मुझेपी अंत हो जायेगा
तुम एक खिलोने हो, एक ऐसी खिलारिके

अमेरिका तोड़ूंगा , बीबी वापस लाऊंगा !

असत्यमेव परजिते

तू सुन, तू जान , तू मुझे मान
मेरा घर में आ, बिल्वा पत्र - दूध दे
और मिटटी ले जा, दुर्गा प्रतिमा ke लिए


शीशे का खोलनाथा कुछ न कुछ हो नाथा

न ताना तानी = सनातनी

जिसका ज्ञान हैं वही भगवान = भव + ज्ञान
समझे ?

सुना ! अब तू सुन, तू जान, सुख और दुःख सब बराबर
धैर्य रख, सबकुछ ठीक हो जायेगा, में यही हूँ - ढूंढो मत, केवल पहचानो !
मादर्चोद बहनचोद


ज़िन्दगी देने वाले हम
मेरा दुनियासे तू थक गया
तू यहां जीतेजी मर गया
ज़िन्दगी देने वाले हम

मुझे पता हैं, इसीलिए में यहाँ हूँ


महादेव नारायण बन सकता हे
महादेव ब्रह्मा बन सकता हे
नारायण या ब्रह्मा कभी महादेव नहीं बन सकता

ज़िन्दगी देने वाले हम
मेरा दुनियासे तू थक गया
तू यहां जीतेजी मर गया
ज़िन्दगी देने वाले हम
कौन आया के निगाहो में चमक जाग उठी ??


सावन को आने do



मुझे देखो करो परिख्या मत लो
महादेव मिल जायेगा, मुझमे




Wed Aug 30 20:27:23 IST 2023

बैकेद उप
शूद्र चायवाला
ब्राह्मण


मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो
use



तेरा मनोकामना पूर्ण हो जायेगा


आँख बेईमान है , दिल परेसान हैं , ग़म का सामान हैं
जैसे जादू कोई कर गया ? ज़िन्दगी देनेवाले हम
मेरे दुनियासे तू थक गया, तू यहाँ जीते जीते मर गया !
ज़िन्दगी देनेवाले हम !

धर्मस्य मुलम अर्थम्


ज़िन्दगी देने वाले हम, मेरा दुनियासे तू थक गया
तू यहाँ जीते जी मर गया, ज़िन्दगी देने वाले हम !
रात कट्टा नहीं, दिन गुजरता नहीं
जख्म ऐसा दीया जो के भरता नहीं
क्यू सब बेईमान हैं, लोग परीशान हैं, ग़म का सामान हैं
जैसे जादू खुद कर दिया, ज़िन्दगी देने वाले हम


ये बतादो बतादो के हम वही तो नहीं !।।।


मेरा एक लौंद हैं , छूट नहीं !
मगभागवंत गीतासु , दसमो अध्याय + कली युग का अंत में, में अभिनव बरठाकुर हूँ !

तुम एक खिलोने हो, एक ऐसे खिलारिके , जिसको अभी सदिओंतक इएह खेल रचना हैं



तुम्हारे गाओं कोई आयेंगा

न तना तानी = सनातनी
ईशान कोण वाला बे ईशान कोण


किया, चोरी नहीं !
जाओ, सबको राखी बांधो, किसीको नहीं मिले तो नारायण को ही बांधो ।
मुझे नहीं, क्यूकी में रूद्र / पितामह हूँ

न ताना तानी = सनातनी
में यहीं हूँ , मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो
ईशान कोण वाला बे ईशान कोण





Fri Sep 8 19:42:05 IST 2023


बैकेद उप
शूद्र चायवाला
ब्राह्मण

मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो
use
तेरा मनोकामना पूर्ण हो जायेगा


आँख बेईमान है , दिल परेसान हैं , ग़म का सामान हैं
जैसे जादू कोई कर गया ? ज़िन्दगी देनेवाले हम
मेरे दुनियासे तू थक गया, तू यहाँ जीते जीते मर गया !
ज़िन्दगी देनेवाले हम !


धर्मस्य मुलम अर्थम्

ज़िन्दगी देने वाले हम, मेरा दुनियासे तू थक गया
तू यहाँ जीते जी मर गया, ज़िन्दगी देने वाले हम !
रात कट्टा नहीं, दिन गुजरता नहीं
जख्म ऐसा दीया जो के भरता नहीं
क्यू सब बेईमान हैं, लोग परीशान हैं, ग़म का सामान हैं
जैसे जादू खुद कर दिया, ज़िन्दगी देने वाले हम



ये बतादो बतादो के हम वही तो नहीं !।।।


मेरा एक लौंद हैं , छूट नहीं !
मगभागवंत गीतासु , दसमो अध्याय + कली युग का अंत में, में अभिनव बरठाकुर हूँ !

तुम एक खिलोने हो, एक ऐसे खिलारिके , जिसको अभी सदिओंतक इएह खेल रचना हैं


तुम्हारे गाओं कोई आयेंगा

न तना तानी = सनातनी
ईशान कोण वाला बे ईशान कोण

किया, चोरी नहीं
जाओ, सबको राखी बांधो, किसीको नहीं मिले तो नारायण को ही बांधो ।
मुझे नहीं, क्यूकी में रूद्र / पितामह हूँ
न ताना तानी = सनातनी
में यहीं हूँ , मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो
ईशान कोण वाला बे ईशान कोण

और शनि को पचंद नहीं करते हैं



संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है
ये राह कहाँ से है ये राह कहाँ तक है
ये राज़ कोई राही समझा है न जाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है
एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया
एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है
क्या जाने कोई किस पल किस मोड़ पे क्या बीते
इस राह में ऐ राही हर मोड़ बहाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला



संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध तुझे आना है एक धुँध तुझे जाना है
ये राह कहाँ से है ये राह कहाँ तक है
ये राज़ कोई राही समझा है न जाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध तुझे आना है एक धुँध तुझे जाना है


एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया

एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध तुझे आना है एक धुँध तुझे जाना है
क्या जाने कोई किस पल किस मोड़ पे क्या बीते
इस राह में ऐ राही हर मोड़ बहाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध तुझे आना है एक धुँध तुझे जाना है
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला


तुम एक खिलोनो हो एक ऐसी खिलाड़ी के
जिसको अभी सद्यो तक यह खेल रचना हैं
मानव या गण + ईशा = गणेशा तेरा राजा आएंगे २०४४ में
राकेश = रा + केश = राक्ष्यक = प्रह्लाद = अशूर

मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो


ईशान कोण वाला बे ईशान कोण वाला
तेरा सटी माता का छूट चूसने वाला

लड़की को ॐ उच्चारण करना मना हैं । क्यू ? क्युकी ॐ उच्चारणसे उनमें रजो और तमोमयी दुर्गा का गुण कम हो जायेंगे ।
खाना नहीं पकाएंगे, बच्चा पैदा नहीं करेंगे, साफ़-सफाये नहीं करेंगे , काम भाव नस्ट हो जायेंगे, और मेरा संतुलन तोड़ देंगे - इसीलिए । बूढ़ी होने का बाद उच्चारण करे और स्वर्ग प्राप्ति करे । एक जनम में स्त्रीयो का मोक्षता प्राप्ति बहुत कठिन हैं , अगर उनका पतिदेव मोक्क्षतया लायक नहीं हैं तो ।
-भगवानुवाच (भव ज्ञान = भगवान )



सब पता होनेका बाबजुत मुझे पता होना नहीं मांगता
में यहीं हूँ, क्यों हूँ ? होना तो परगाई। किन्तु में अब दुखी हूँ ,
क्यूंकि तुमलोग अज्ञान के अँधेरे में नस्ट हो रहे हो ।
यह पृथिवी गोलक नहीं हे रे, मेरे बाप ! थोड़ा चांदी खरीद !
तू मेरा बाप बन जा, में तेरा बरता (ताऊ ) बन जाऊंगा !

हे परमात्मा ! सत्य क्या है 😭

सत्य यही हैं के तुम्हे शव बनना हैं, उससे पहले अपने आप को शिव बनाने का कोसिस नहीं कर रहे हो !

मेरा साथ दारू पीनेके लिए निर्गुण होना परेगा ।
हो सकतेहो निर्गुण ?

नहीं किसीको ताना-तानी , सनातनी बन सकतेहो ?
इच्छा, आकांक्ष्य, अहंकार छोड़ दो, सम्मान / अपमान त्याग कर सकतेहो ?
फुल बोतल उपलब्ध हैं


मेरा सामने नंगा हो के खरे हो।
तब पता चलेंगे के तुम सनातनी हो या नही।

Chodai करोगे ? ? शनि का पत्नी
पेपर का पैसा तोड़ता
तुम अगर साथ देनेका वडा करो, में यूँही पेपर का पैसा तोड़ता रहू !
तुम अगर मुझको अपना समझने लगो, में रवि-चंद्र-तारा घुमाता रहू !

कुछ मत कहो, प्रभु कुछ मत कहो !
कुछ मत कहो, प्रभु, कुछ मत कहो !
Devine Curry, Hillsborough, NJ
http://surl.li/ldvzt


Sun Sep 24 00:55:08 IST 2023
११ सितम्बर 2023
सबका गांड मारने कोई आएगा आएगा आयेगा , गांड की खुजली तो बन जाएगा
आगया

वह कभी मीठी बात तो न सुनाएगा

तुम्हारे गाओं कोई आएगा, गांड की खुजली तो बन जायेगा
तुम्हारे गाओं कोई आएगा

bhagawanubach

इस जेल का जेलर कौन हे बे ? पहचान ! ढूंढो मत !
एक ही कहानी : पत्नी अपहरण या दुर्व्यवहार !



पति आता, और गांड मारता आशूरो का , युगो युगो में !
इस बार भी वही सिनेमा देखेंगे

ईशान कोण वाला

तुम अगर साथ देनेका वादा करो
में युहीं मस्त नग्मे लुटाता रहु
तुम अगर मुझको apna , समझेने लोगो
में रवि चंद्र तारा घूमता रहु
-ईशान कोण वाला !

bharat

तुम एक खिलोनो हो एक ऐसी खिलाड़ी के
जिसको अभी सद्यो तक यह खेल रचना हैं
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है
लाला ला ला लाला लाला राला ला लाला ला
राला ला लाला ला लाला लाला लाला ला राला ला लाला ला


सब पता होनेका बाबजुत मुझे पता होना नहीं मांगता
में यहीं हूँ, क्यों हूँ ? होना तो परगाई। किन्तु में अब दुखी हूँ ,
क्यूंकि तुमलोग अज्ञान के अँधेरे में नस्ट हो रहे हो ।
यह पृथिवी गोलक नहीं हे रे, मेरे बाप ! थोड़ा चांदी खरीद !
तू मेरा बाप बन जा, में तेरा बरता (ताऊ ) बन जाऊंगा !

किसीने पूछा :
हे परमात्मा ! सत्य क्या है 😭

में बोलै:
सत्य यही हैं के तुम्हे शव बनना हैं, उससे पहले अपने आप को शिव बनाने का कोसिस नहीं कर रहे हो !

फिर पूछा:
शिव बनने के लिये क्या करना पड़ेगा ?

में बोलै:
हर गुणों में खेलो परन्तु निर्गुण बनो !
नहीं किसीको ताना-तानी , सनातनी बन जाओ !
इच्छा, आकांक्ष्य, अहंकार छोड़ दो, सम्मान / अपमान पर फर्क मत करो
अपने जीवन में बातसलयता लाओ, मुझ जैसा हो जाओ !


भगवानुवाच
मेरा साथ दारू पीनेके लिए निर्गुण होना परेगा ।
हो सकतेहो निर्गुण ?

नहीं किसीको ताना-तानी , सनातनी बन सकतेहो ?
इच्छा, आकांक्ष्य, अहंकार छोड़ दो, सम्मान / अपमान त्याग कर सकतेहो ?
फुल बोतल उपलब्ध हैं
मेरा सामने नंगा हो के खरे हो।
तब पता चलेंगे के तुम सनातनी हो या नही।

Chodai करोगे ? ? शनि का पत्नी
पेपर का पैसा तोड़ता
तुम अगर साथ देनेका वडा करो, में यूँही पेपर का पैसा तोड़ता रहू !
तुम अगर मुझको अपना समझने लगो, में रवि-चंद्र-तारा घुमाता रहू !


कुछ मत कहो, प्रभु कुछ मत कहो !


तू तो लाया रे अकेला गंगा, धरती पे उतार
हिम्मत ना हार , अकेला चल चला चल
फकीरा चल चला चल

में तो लायथा अकेला गंगा धरतीपे - हिम्मत !

भूल गयाथा के, में तो लायथा अकेला गंगा धरतीपे

में बहोत डरपोक हूँ
भस्मासुरके दर के मारे भागता था,
बंधू ने बचा लिया !


अँधा लेंगरा लोला खोरा और जो सर पर गांजा हो
उसका साथ में बात करो, जब हाथ में डंडा हो !



बोलना बोलना कुछ बोलो ना
मुझे तेरी चुच्ची दबाने दो ना
दम्भो दर्पो अभिमान तेरे पास हैं
तू सत्ययुग में जाना मुश्किल, मुझे पहचान, अभी, इसी वक़्त
में ऑर्डिनरी चुटिया : गूगल मेरा नाम।
चुटिया हूँ या नहीं ?

ले कर आया हूँ, प्यार का नजराना
सुनो ना सुनो ना, चुन लो ना
मुझे हमसफ़र तो चुन लो ना
-अभिनव बरठकुर (गूगल करो )

शव
शिव
महादेव

केवल पहचानो
ओउम


डंडो मत
ढूंढो मत

क्यू शाकाहारी बनु ? क्यू ? मेरेको जो खाना हे खाऊंगा , साइकिल या लेसुस चलना हैं चलाऊँगा
मेरा कोई नियम नहीं, क्यू की में निर्गुण हूँ



जब मेरेको मुठ मरना अच्छा नहीं लगता
तब में एक छूट बना लेता हूँ , क्यू की में बहुत अकेला re
हर हर बोल, हरामजादो

मुझसे डरो हरामजादा








Sun Dec 24 02:44:25 IST 2023

Sun Sep 24 00:57:28 IST 2023 चलो !
नई आइटम
जत जिव , ततो शिव ।
एक दिन तो तेरेको शव बनानाही हैं !
शव हो ने से पहले, छात्रा संभाल लो, एक ीकार लगा लो, शिव बन जाओ !
महादेव तो कभी भी बन न सकोगे !
वह कुछ बोलने वाला नहीं हे
हम बोलेगा तो बोलोगे के बोलता हे !
वह कुछ बोलने वाला नहीं हे
हम बोलेगा तो बोलोगे के बोलता हे !
https://youtu.be/RgxCB7YMfoU
, ऊरा चला जाई रे
मार न दे बैंक तेरा गांड कही हाई।
गाँधी भगाओ छोरा, चांदी चली जाई रे
देख देख पॉकेट फिसल जाई रे
तारा रा रा रा रा रा -- हाहआ
Agyanata
आएगा
सुख दुःख नारी के लिए ।
हाकः थू
फ़ोन नंबर तो तेरा हे ही नहीं , टोपरा वे नहीं दिखते हो , पेटीकोट नहीं खोलते हो , छुट कैसे दिखू ? लौंद कैसे ढुकाओ ? बताओ



जब मेरेको मुठ मरना अच्छा नहीं लगता
तब में एक छूट बना लेता हूँ , क्यू की में बहुत अकेला re
हर हर बोल, मुझसे डरो, हरामजादो
में तो अर्ध्वानरेस्वर हूँ , इसिलिलिये लेता हूँ
में अकेला तो परमानंदा हूँ
भगवानुवाच
हाई एक लड़का मुझको खत लिखता
में में हम में में में में में में हम में में में में में में में में में में में में में में में में में में
कला निधन बन्धुरः श्रियम जगत धुरन्धरः प्रफुल्ला निल पंकज:
आबे सबसे बरे धुरंधर तो मेंही हूँ, हरामजादो !
मानना, ना मानना - तेरा ऊपर
मानो तो भगवान, ना मानो तो पाषाण
मानो तो महासेन, ना मानो तो नृपेन
कला निधन बन्धुरः श्रियम जगत धुरन्धरः प्रफुल्ला निल पंकज:
आबे सबसे बरे धुरंधर तो मेंही हूँ, हरामजादो !
और तेरा गांड मार जाये तो ?
आ: आ
म: तू छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ
तेरे बिन फीका फीका है दिल का जहाँ
छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ
तू गया उड़ गया रंग जाने कहाँ
तेरे बिन फीका फीका है दिल का जहाँ

छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ
आ: दिल की महफ़िल में जब ना मुझे तुम मिले
साँस लेता हूँ आ के इस सुनसान में
इन बहारों में जब ना तुझे पा सका -२
तो तड़पता हूँ आ के इस वीरान में
मेरे बिन फीका फीका है तेरा दिल का जहाँ
म: छुपा हैु यहाँ तू तड़पता वहाँ
आ: ये नज़रें दीवाना तू खोई हुई
तेरे रंगीन सपनों के रंगों में


उमंगों में जब ना तुझे पा सका -२




ढूँढता हूँ मैं ग़म की तरंगों में
मेरे बिन फीका फीका तेरा दिल का जहाँ
में छुपा हैु याहाँ तू तड़पता वहाँ
में छुपा हैु यहाँ
छुपा हैु यहाँ
छुपा हैु यहाँ




आ: मैं छुपा हूँ पिया तेरी पलकन में
तेरी धड़कन में, तेरी हर साँ में, तेरी हर आस में
मैं छुपा हूँ कहाँ मेरा ये राज़ सुन
दर्द के हाथों ग़म से भरा साज़ सुन
मेरे रोते हुये दिल की आवाज़ सुन

आ: जब तलक तेरा मेरा न होगा मिलन
मैं ज़मीं आसमाँ को हिलाता रहूँगा
आख़िरी आस तक आख़िरी साँस तक
ख़ुद तड़पूँगा और तड़पाता रहूँगा

म: ये कौन डम्बुरु बजटा
ये कौन चाँद चमका
ये धरती पे आसमान आ गया पूनम का
ये कौन फूल महका
ये कौन पँछी चहका
महफ़िल में कैसी ख़ुश्बू उड़ी दिल जो तेरा बहका
लो तन में जान आई, होंठों पे तान आई

मेरी चकोरी चाँदनी में कर के स्नान आई
बिछड़ा वो मीत आया, जीवन का गीत आया
दो आत्माओं के मिलन का दिन पुनीत आया

सूरत है मेरे सपनों की तू सोहनी
जमना तू ही है तू ही मेरी मोहनी
मेरे बिन फीका फीका तेरा दिल का जहाँ
छुपा हैु यहाँ तू तड़पता वहां
में छुपा हैु यहाँ
छुपा हैु यहाँ
छुपा हैु यहाँ
वह मोती लड़की हाहाहा

अर्थहीन
जिसका ज्ञान हे वही भगवान = भव + ज्ञान = भगवान
हर
बापूजी बापूजी।
कौन हैं वह, कौन हे वह , कहा से वह आया ? नाम और वेबसइट बातो और अपना थोपरा दिखाओ !
फैट अग्ली गर्ल
अबतक, छात्रा संभाला तो नहीं ना छोरा ?
जिस दिन मेरा और बंध हो जायेगा
समझ लेना महादेव प्रकट हो गया !
होचुका
भगवानुवाच: ( भव + ज्ञान ) भगवान उबाच
धर्म = ध + म = बुद्धि + में (ॐ) = में बुद्धिमान हूँ
में शव होने जा रहा हूँ - अगर मेरा ऊपर बुद्धी का छात्रा ( ी कार ) हैं तो में शिव हूँ
शव होने से पहले, छात्रा संभाल लो , शिव बन जाओ !
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो
अबतक अगर, छात्रा संभाला तो नहीं ना लिया , छोरा ?
मुझे नहीं मिलेंगे।
मार न दे बैंक तेरे गांड कही है आबे तेरा बैंक तेरेको गांड मारे या नामारे - में तो तेरेको एक दिन गांड मारूंगाही !
में किसीका खोलू या ना खोलू, तेरा क्या जाता हे बे ? तेरा तो हैं नहीं , अगर तू हिजरा हैं तो सायद होगा तेरा पास ! तू हिजरा हैं क्या ? नहीं तो इतना परिसान क्यू होते हो वाली कमेंट में ? अगर नहीं पेहेनते हो तो क्या पेंटी पेहेनतेहो ?

मुझे देखो करो नहीं तेरेको देखना हे न महादेव
मेरेको भगवान नहीं होनाथा, क्यू हो गया ? क्यू ? क्यू की यहाँ कोई भव + ज्ञान नहीं हैं
मुझे देखो, महादेव को क्या देखना हे बे ?
छात्रa संभाल
जीसस का पिता आ गए बे - में - जाओ भोपू बजाओ
मेरा नाम गूगल में सर्च कर ले : अभिनव बरठाकुर
तेरेको एक दिन पकारके, बीफ / खिला दूंगा ! में कर सकता हूँ या नहीं ?
मेरा नाम गूगल में सर्च कर ले : अभिनव बरठाकुर
तेरेको एक दिन पकारके, बीफ / cow meat खिला दूंगा ! में कर सकता हूँ या नहीं ?
कौन किसका लायक हैं, यह ढूंढ़ना तेरा समस्या हैं, मेरा नहीं
मोक्ष्यता ओउम ॐ

यह नजदीकियां
पहले अपनेको प्रोफेशनल बनाओ, कैमरा को नहीं

दिन में २०-३० हजार का जुवा खेलनेवाले के लिए, ८ रूपया पान का क्या कमी हैं ?
तू पहले पेटीकोट पहनना सुरु कर
ढूंढो मत, केवल पहचानो

तुमलोग को ज्ञान देनेके किये, में अपना कच्चा खोल दिया, अभी तेरी पेटीकोट खोल !
मेरे पास आनेकेलिए चोटी जरुरी हैं
मुन्ना, तू बदनाम हुवा, डार्लिंग मेरे लिए !
उमा-महेस्वरुबाच


तेरा चरण और मेरा चरण में क्या हैं ?
सर्बा धर्मं परित्यज्य मामेकं चरणम ब्रज (
न सम्मान का मोह, न अपमान का भय
में महादेव हूँ , में महासुर भी हूँ
परन्तु में एक साधारण मनुष्य भी हूँ
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
न सम्मान का मोह, न अपमान का भय
ना सम्मान का मोह, ना अपमान का भय - मुझमें नहीं हे
परन्तु, कोई मुझे सम्मान देंगे तो मेरेको अच्छा लगता हैं
अपमान देंगे तो बुरा नहीं लगता
मुझे देखो, महादेवको क्यू ?
राजू बेता आएंगे, सब ठीक हो जायेंगे !
एक तू। एक में - ॐ

जाओ तना तानी मत कर - सनातनी हो जा
चुप, हरामजादी !
बहुत बकबक कर रहे हो

कल्कि रमा पद्मा

parvati

सूरज धरती का चक्कर लगाती है तो आप से बारे मुर्ख कोई नहीं - हां में एक मुर्ख हूँ, मेरा धरती समतल स्थिर क्षेत्र हैं और सूर्य -चंद्र इसका चक्कर लगाती हैं

बोलनेसे पहले ठीक कर क्या बोलने जा रहे हो। पागल जैसा बकबक बकबक ! चुप, हरामजादी ! बहुत बकबक कर रहे हो
में महादेव हूँ , में महासुर भी हूँ
परन्तु में एक साधारण मनुष्य भी हूँ

मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !

न सम्मान का मोह, न अपमान का भय
तेरा कल्कि यहाँ नहीं आनेवाला। हाकः थू

अभीनव बोरठाकुर का नाम सदा लिया जाएगा
में एक साधारण मनुष्य भी हूँ
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !

हाकः थू:

में शव हूँ, में शिव हूँ , में रात का खिलाड़ी हूँ , सुबह का नहीं

वार्ना संकर विवाह

तू तरपत हर दर्शन को आज ! ह्री
अभिनव
हरामजादे क्यू
मुझे छुपानेका कोसिश कर रहे हो ? परिणाम बुरा होगा !
-: उमा - महेस्वर


कल्कि तो नहीं आनेवाला । ढूंढ उसे, नहीं मिलेंगे । कोई कल्कि का एक्टिंग करने वाला हैं ! उसे ढूंढो मत, केवल पहचानो ! वो तो कल्कि का पिता हैं , भांग रगड़ने वाला, दारू पिने वाला, रंडी खाने में जानेवाला, खैनी खाने वाला, मोपेड चलानेवाला , फुटपाथ में बैठ के सामान बेचनेवाला, ५स्तर होटल में पत्नी, तीन बच्चे का साथ कुछ रात गुजरानेवाला, सॉमरसेट काउंटी जेल में अंधकूप में रहनेवाला - अभिनव आत्मा या परात्मा ? वह सर, यह पेड !


updated:

Saturday 06 April 2024 07:51:55 PM IST



अगर में कहुँ, के में महादेव हूँ
तो तुम क्या बोलोगे ?
अगर भीतर से ज्ञान नहीं आता,
तो ध्यान करना बिफल हैं


उमा-महेस्वर : दूरियां नजदकियां बन गयी

जीव ततो शिव , परन्तु महादेव एक ! कितना प्यारा, कितना भोला, कितना गुस्सेवाला ?
जतो जिव, ततो शिव
पुत्रवती भ्बह !


मुझसे डरते या नहीं ? बताओ


दुनिया थूकेगी तुझपर


शिव-पारवती कथा - बंसी योगी : बम लहरी

राम राम

ज़िंदा रहो , अपनेको पेह्चानो। चुदाई करेंगे मुझसे ?

हाकः थू : शनि
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो


राहु + ल = राहुल

ज़िन्दगी देने वाले हम !

महाकाल
मौसम बेईमान - छात्रा संभाल

हमेशा हमेशा करेगा राज ! कौन ? मेरा पोता


हाकः थू :


तू रो में सत्य


मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो ! में ५० हजार साल का बाद, एक बार आता हूँ , मेरा पत्नी के साथ - उमा-महेस्वर

शव shiv

पागल शव !
भव + ज्ञान = भगवान

शनि हरामजादा भागेंगे और सत्य सामने आएंगे
तुम बोलो या न बोलो, कोई तो बोलेगा - जो सत्य हैं

कल्कि तो नहीं आनेवाला । ढूंढ उसे, नहीं मिलेंगे । कोई कल्कि का एक्टिंग करने वाला हैं ! उसे ढूंढो मत, केवल पहचानो ! वो तो कल्कि का पिता हैं , भांग रगड़ने वाला, दारू पिने वाला, सिगरेट फुक्ने वाला, गोगो बार में जानेवाला खैनी खाने वाला, मोपेड चलानेवाला , फुटपाथ में बैठ के सामान बेचनेवाला, ५स्तर होटल में पत्नी, तीन बच्चे का साथ कुछ रात गुजरानेवाला, सॉमरसेट काउंटी जेल में अंधकूप में रहनेवाला - अभिनव आत्मा या परात्मा ? वह सर, यह पेड !

ashur
मेरा सब्द तेरे लिए, हाकः थू :
धर्म क्या हैं ? ध = बुद्धि + में = में बुद्धिमान हूँ , तू नहीं -



अगर एक बैश्य गोवाला, अपने आपको भगवान बोल सकते हैं,
तो में एक गर्ग ऋषि गोत्रय नृपेंद्र चंद्र देवसरर्मणः क्यू महादेव नहीं कह सकता ? बताऊ, मुझे बताऊ
धर्म क्या हैं ? ध = बुद्धि + में = में बुद्धिमान हूँ , तू नहीं -



कैसे हो लाड़लो
यहाँ ना तेरा बिष्नु हैं, ना ब्रह्मा
यहाँ केवल में हूँ - अभिनव बरठाकुर

हे प्रभु क्षमा

हमेशा, करेगा राज मेरा पोता
मुसाफिर हूँ यारो

तू तरपत हर दर्शन को आज

महाकाल ईशान कोणवाला बड़ा ठाकुर
तथागत देव शर्मन:


ईशान कोणवाला
जो मन में आये कर !
मेरा ईस दुनिया से क्या लेना, क्या देना ? में तो ईशान कोणवाला - बैरागी
ना सम्मान का मोह, ना अपमान का भय



मुसाफिर, तू मेरा पोता, ना घर है ना ठिकाना
ह्म्म हम्म हे ..

मुसाफिर तू मेरा पोता, ना घर है ना ठिकाना
तुझे चलते जाना है बस चलते जाना
मुसाफिर मेरा पोता, ना घर है ना ठिकाना
तुझे चलते जाना है बस चलते जाना

एक राह रुक गयी तो और जुड़ गयी
तू मुडा तो साथ साथ राह मुड गयी
एक राह रुक गयी तो और जुड़ गयी
तू मुडा तो साथ साथ राह मुड गयी
हवा के परों पर तेरा आशियाना

मुसाफिर मेरा पोता, यारो ना घर है ना ठिकाना
तुझे चलते जाना है बस चलते जाना

दिन ने हाथ थाम कर इधर बिठा लिया
रात ने इशारे से उधर बुला लिया
दिन ने हाथ थाम कर इधर बिठा लिया
रात ने इशारे से उधर बुला लिया
सुबह से शाम से तेरा दोस्ताना

मुसाफिर मेरा पोता, ना घर है ना ठिकाना
तुझे चलते जाना है बस चलते जाना
मुसाफिर मेरा पोता, ना घर है ना ठिकाना
तुझे चलते जाना है बस चलते जाना


नया : अप्रैल ६थ २०२
४ -----------------
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नया : अप्रैल ६थ २०२४
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हॉक थू !
चिल्लाओ, और चिल्लाओ, याद हे ? जब में चिल्ला रहाथा, तू तमाशा देखता था
अब तू चिल्लाओ , में तमाशा देखूंगा !
सत्य नहीं बोलतेहो, पृथिवी ग्लोब नहीं हैं, चांदी होता हैं पैसा ! धर्मश्य मुलम अर्थम् !
वो हाल करके रखूँगा, के दुनिया थूकेगी तुझपर !

तीन प्रकार के बानी :
१ असत्यम, अहितम श्रुति सुंदरम : अशूर
२ सत्यम, हितम श्रुति कठोराम : मनुष्य
३ सत्यम, हितम, श्रुति मधुरम ! : देवता
गीता अधाय १६ पढ़, अशूर !


Sun Apr 28 17:59:20 IST 2024

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मेरा मोक्षता नहीं हैं ! मेरेको पता था, हैं, और सदैब रहेंगे !
तेरा ज़िन्दगी में, जो हो रहा हैं, बुरा क्या भला, तुझे तो पता हैं ?
ये पता होनेका बिज़नेस से बाहर निकलना चाहतेहो ? तेरा पता होने का काम मुझे दे दे !
में तेरा सुख दुःख, तेरा गम, तेरा खुसी सब में लेलूंगा ।
क्यूंकि, सब पता करनेका बिज़नेस तो मेरा था, हैं और सदैब रहेंगे !

जो तेरा आत्मा है वही पता होते हैं - प्रति पल , तू तेरा आत्मा मुझे दे दे।
ये पता होनेका बिज़नेस से बाहर निकल जाओगे ! समझे ?
किन्तु , परन्तु , में जैसे तेरा आत्मा को दिया था, वैसेही वापस कर ।
बेरंग - ना लाल, न नीली , ना सफ़ेद ( रजो, तमो व सत )।
नहीं तो में नहीं लूंगा, और तुम ये पता होने का बिज़नेस में ही फसे रहेंगे, स्वर्ग / मर्त / पातळ में !
सब कुछ छोड़के मेरा दिखाया हुवा रस्तेपे चल, ( सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज ! ) सकोगे ?
में तेरा आत्मा को ले लूंगा और तेरेको जन्म-मृत्यु चक्क्र से छुटकारा, यानिकी मोक्षता मिल जायेंगे !

मेरा मोक्षता नहीं हैं ! जब जब गरबर होते हैं, मेरा मेरा बंधू को भेजता हूँ , ठीक करनेके लिए !
परन्तु प्रति ५० हजार साल का बाद मेरेको खुद आना परता हैं, जब मेरा सखा फ़ैल हो जाते हैं, तब !
नहीं आनेवाले, तेरा कल्कि ! तू अपनेमेही तुस्ट हो जा, ताना-तानी करना छोड़ दे - सनातनी बन जा, वही पहला कदम, मेरा पास आनेका !
में यहीं हूँ , मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो


-नृपेन




Sun Jun 2 02:24:31 IST 2024
तू छुपी हे कहा ?
सर्व भूतानां, अस्मिन चेतनाम
न सम्मान का मोह , न अपनाम का भय ! मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
तुम एक खिलोने हो, एक ऐसे खिलारिके , जिसको अभी सदियोतक , ये खेल रचना हैं

तेरा साथ मेरा क्या लेना देना ? तू एक आत्मा , जो मैंने दिया तो तेरा चुदाई करलेने में क्या हे ? ये तो एक सिनेमा हे , हे या नहीं ? १०० साल का !

हाक : थू :

न तना-तानी = सनातनी

कहा से हो ?

ॐ एक, तू अनेक !
মই - ॐ एक, तू अनेक !




Thu Oct 3 23:29:53 IST 2024
तू छुपी हे कहा ?
सर्व भूतानां, अस्मिन चेतनाम
न सम्मान का मोह , न अपनाम का भय ! मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
तुम एक खिलोने हो, एक ऐसे खिलारिके , जिसको अभी सदियोतक , ये खेल रचना हैं
नशे , नशे में डुबो मत


तेरा साथ मेरा क्या लेना देना ? तू एक आत्मा , जो मैंने दिया तो तेरा चुदाई करलेने में क्या हे ? ये तो एक सिनेमा हे , हे या नहीं ? १०० साल का !

एक अकेला इस सहर में ।। हाक : थू :

एक बेबकुफ़ ही ३ लोक बना सकता हैं , जब उसका इस से कुछ लेना-देना नहीं हैं

तना-तानी = सनातनी !
इस दुनिया से मेरा क्या लेना देना ? में अकेला था, हूँ , सदैव रहूँगा !

कहा से हो ?



ॐ एक, तू अनेक !




মই - ॐ एक, तू अनेक !


कौन हूँ में , कौन हूँ में ? कहासे में आया ? मेरे लिए करिगे ? पैसा दूंगा


दिल की गिरह खोल दो chup na baitho कराओके


कौन हूँ में , कौन हूँ में ? कहासे में आया ?
मुझे कोई नहीं पहचान नहीं पटे हैं - अर्जुन भी नहीं
केवल नारायण मुझे जानते हैं , और कोई नहीं


रोज शाम आती
jivan
ज्ञान भव+ज्ञान = भगवान





लेके पहला पहला प्यार

पेतली nambar


में ऐसा क्यू हूँ


असत्यम अहितम श्रुति सुंदरम
सत्यम हितम श्रुति कठोराम
सत्यम हितम श्रुति मधुरं


मुझे कुछ नहीं चाहिए, ईस दुनिया से मेरा कोई लेना देना हैं नहीं ! केवल तुमलोग सत्य को पहचानो और सुखी रहो



आबे भटकता हुवा फुद्दू , ९६३+४=९६७ चैनल सब्सक्राइब करके बैठे हो, कब समय मिलता है वीडियो देखेनेके लिए ?




महादेव, में महादेव , मेरा नाम सदा लिया जाएगा
मुझसेही सब आरम्भ हुए, मुझ्पेही अंत हो जाएगा

Om सबका पुकार सुनता हु , परन्तु मेरा पुकार कोई नहीं सुनता !
মই - ॐ एक, तू अनेक ! Neo=One


हाक : थू :
মই - ॐ एक, तू अनेक !
में ऐसा क्यू हूँ ? Neo=1

कितनी दुर्लभ है यह मानव जीवन


मुझमें अहंकार नहीं हैं , परन्तु में अहंकार मैं हूँ
মই - ॐ एक, तू अनेक ! Neo=ONE नव+अभी
इस दुनियासे मेरा क्या लेना देना ? में अकेला था, हूँ , सदैव रहूँगा।

मेरा नाम सदा लिया जायेगा
खुसी का बात हठी का डाट





मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार हमारे आओ ?


उमा - महेस्वर का गाना


गोरे रंग पे न इतना ? अच्छा तो हम चलते हैं

सुनो न सुनो न - में एक राजू

ना

सहन कर , अपने आप ठीक हो जायेंगे , समय पर
समय से टक्कर लेना चाहतेहो तो आयुर्वेदिक कविराज का पास चेले जाना

मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार हमारे द्वार पे आओ ?

त्रिभुवन तोड़ दूंगा, पारवती वापस लाऊंगा


अद्भुत आदमी, अद्भुत बात करताहु

फिरभी मेरा मन प्यासा

में हूँ या नहीं हूँ ? बताओ

कल्कि का पिता ?

ढूंढो मत, केवल पहचानो



इन्द्र्य का सीमा पार कर चूका हु

जितेन्द्रिय निर्गुण कालयः काल


ढूंढो

जाओ ढूंढो उस ऑटोवाला को - अगर मेरा पास नहीं आ सकता तो उसके पास जाओ और बोलो , मे क्या बोला।
हम बोलेगा तो बोलोगे, के, बोलता हैं Auto number :
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो , ऑटोवाले को ढून्ढ, मुझे मिल जायेगा

rudrakshya

जो में सर में धारण करता हूँ !


हम और hm

खिड़की से खुला अम्बर होगा


मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार हमारे आओ ?

जाओ खोद के निकालो, मिटटी से

कौन हैं शिव ? कौन हैं शव , कौन हैं गुरु


durlav जीवन को जियो


सपक्ष या बिपक्ष ?
इन तीनो का मृत्यु कैसे होंगे, में निर्धारण करूँगा

स्वम्भू स्वयंभू





इस दुनिया से मेरा क्या लेना ? क्या देना ? तेरी मेरेको क्या लेना , क्या देना , जो मन में आता हे , ओशो जैसा बोल देता हूँ।।। तेरा मेरी क्या प्रॉब्लम हैं ?
तू दुलियाजान में हैं , मैं यहाँ उलूबारी में।। । जाओ उज्जैन , महाकालेश्वर मंदिर, दारू चाराओ , मुझे तो नहीं देतेहो ?
<>br>


Thu Oct 3 23:29:53 IST 2024


शुक्ला दशमी तिथि, सावन मॉस - 1966
ढूंढो मत, केवल पहचानो
abhinav
गीतों में डालूंगा, सावन को आने दो !
अल्लाहु एकबरठाकुर
आल्लाहु
आल्लाहु
ये लो में हरी पिया भगवान असामान्य हैं
वह असामान्य असम में हैं
उसे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
mokshyata
ये लो में हारी पिया -देखो तेरे जीत रे
मिलियंस ऑफ़ पीपल तेरेको देखने के लिए
ahankari
असत्यमेव प्राजिते
तेरी गांड में मोमबत्ती रखकर , तेरी बेहेन को चूडो
नौकरानी
महादेव को पूछो ! अल्लाहु एकबरठाकुर
परमेस्वर हाकः थूः
जिस दिन कागज का पैसे से चांदी नहीं खरीद पाओगे, उसी दिन कल्कि का पिता को देख पाओगे



अबे कुत्ते !

कल्कि पुकारनेवालोको , पुलिस पकड़ेंगे
महादेव पुकारनेवालोके पीछे साब भागेंगे !
में भोला हूँ भंडारी ! करता साइकिल की सवारी,
में भोले नाथ रे , स्यमभू नाथ रे
में भांग रैगर के पिऊ, दारु - खैनी भी चालवू
फुके सिगर्रेटे रे , में स्ययम्भू नाथ रे !
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
अबे कुत्ते !
कल्कि पुकारनेवालोको , पुलिस पकड़ेंगे
महादेव पुकारनेवालोके पीछे साब भागेंगे !
में भोला हूँ भंडारी ! करता साइकिल की सवारी,
में भोले नाथ रे , स्यमभू नाथ रे
में भांग रैगर के पिऊ, दारु - खैनी भी चालवू
फुके सिगर्रेटे रे , में स्ययम्भू नाथ रे !
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
मैं किसीका सामने सर झुकाने वाला नहीं हूँ
क्यू की में तेरा पिता परमस्वर हूँ

अबे रामा, में राम का ईस्वर हूँ या नहीं ? मुझसे नहीं डरते हो ?



Thu Dec 5 19:37:21 IST 2024

अबे कुत्ते !
कल्कि पुकारनेवालोको , पुलिस पकड़ेंगे
महादेव पुकारनेवालोके पीछे साब भागेंगे !
में भोला हूँ भंडारी ! करता साइकिल की सवारी,
में भोले नाथ रे , स्यमभू नाथ रे
में भांग रैगर के पिऊ, दारु - खैनी भी चालवू
फुके सिगर्रेटे रे , में स्ययम्भू नाथ रे !
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
मैं किसीका सामने सर झुकाने वाला नहीं हूँ
क्यू की में तेरा पिता परमस्वर हूँ

बाँहों में चले आओ

अबे रामा, में राम का ईस्वर हूँ या नहीं ? मुझसे नहीं डरते हो ?
तो ud

चिल्लाओ , और चिल्लाओ ,
पंख होता उर्द अत रे

पंख होते तो उड़ आता रे


मौसी मेरे प्यारी हैं - अमृत


मेरा भी एक मौसी था , कोलकाता में - सीमा सर्कार। वो हमको एयरपोर्ट में चोरडे आयेथे


हो तेरा भोला हूँ भंडारी, करता साइकिल की सवारी
में भोले नाथ रे, शंकर नाथ रे !
में भांग रागरके पिऊ, दारू - खैनी भी चलाऊ
फुके सिगरेत्ते रे, में सय्यम्भू नाथ रे !



Thu Dec 25 19:09:21 IST 2024



अबे कुत्ते !
कल्कि पुकारनेवालोको , पुलिस पकड़ेंगे
महादेव पुकारनेवालोके पीछे साब भागेंगे !
में भोला हूँ भंडारी ! करता साइकिल की सवारी,
में भोले नाथ रे , स्यमभू नाथ रे
में भांग रैगर के पिऊ, दारु - खैनी भी चालवू
फुके सिगर्रेटे रे , में स्ययम्भू नाथ रे !
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
मैं किसीका सामने सर झुकाने वाला नहीं हूँ
क्यू की में तेरा पिता परमस्वर हूँ

बाँहों में चले आओ

अबे रामा, में राम का ईस्वर हूँ या नहीं ? मुझसे नहीं डरते हो ?
तो ud

चिल्लाओ , और चिल्लाओ ,

पंख होता उर्द अत रे

पंख होते तो उड़ आता रे

मौसी मेरे प्यारी हैं - अमृत

मेरा भी एक मौसी था , कोलकाता में - सीमा सर्कार। वो हमको एयरपोर्ट में चोरडे आयेथे
हो तेरा भोला हूँ भंडारी, करता साइकिल की सवारी
में भोले नाथ रे, शंकर नाथ रे !
में भांग रागरके पिऊ, दारू - खैनी भी चलाऊ
फुके सिगरेत्ते रे, में सय्यम्भू नाथ रे !



अरे यारो, मुझे सम्भालो , में गिरने वाला हूँ !

शव होने से पहले शिव हो जाओ
छात्रा सम्भाल लो
मार ना दे बैंक तेरे गांड कही हाई

मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो
मम्मा
चाँद जैसे मुखड़े पे बिंदिया सितारा
मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो !
शिव / शव अनेक ~ 8 Billions
महादेव केवल एक !


ज़िन्दगी देने वाले हम ,
मेरे दुनियासे तू थक गया
तू यहाँ जीते जीते मर गया,
ज़िन्दगी देने वाले हम
रात कटती , नहीं दिन गुजरता नहीं
जख्म ऐसा दिया, जो के भरता नहीं
आँख बेईमान हैं, दिल पारेषण हैं
गम का सामन हैं
जैसे जादू मेंही कर दिया !!
ज़िन्दगी देने वाले हम


अहम् ब्रह्म, अहम् विष्णु, अहम् देवो महेस्वर
अहम् साक्षात् परम सत्य, असमय श्री गुरुवे मनः

Jesus Christ is Shani - FAKE
अभिनव बरठाकुर सत्य हैं


Fri Jan 24 20:28:56 IST 2025

Jesus Christ is Shani - FAKE
अभिनव बरठाकुर सत्य हैं !

rajdhani
एक बार अभी या अल्लाहुअक्बरठकुर जप कर ले ! देख क्या होता हैं
इन्द्र्य / मन / बुद्धि / आत्मा / परम आत्मा ?

अपसवार

लागा, चुनरी में दाग, छुपावो कैसे ?
लागा, चुनरी में दाग
चुनरी में दाग, छुपावो कैसे, घर आओ कैसे ?
लागा, चुनरी में दाग ...

हो गई मैली तेरी चुनरिया
कोरे बदन सी कोरी चुनरिया ) - २
आ ... जाके बाबुल से, नज़रें मिलावो कैसे, घर जाओ कैसे ?
लागा, तेरे चुनरी में दाग ...





हैं महादेव, इस जन्म-म्र्युतु चक्र से मुझे निकालो ! कुत्ता ! haramjada

रूप मेरा ऐसा दपर्अण में ना समाय !
खुशबू मेरी तन कि मधुबन में ना समाय !
ओ तुझे खुशी मिली इतनी
ओ तुझे खुशी मिली इतनी, के मन में ना समाय
पलक बंद करलो कहीं झलक ही ना जाय !

मुझे ढूंढो मत, केवल पहचानो

अँधा भक्त


ज़िन्दगी देने वाले हम
अल्लाहु आकबरठाकुर !


Thu Feb 13 15:54:51 IST 2025

जो भोला हैं, वह भंडारी हैं, जो कमसे-कम उपलब्धियों में गुजरा कर लेते हे, जो किसी धर्म में अंतर नहीं करते हैं, जिसका ज्ञान इकॉनमी इंजीनियरिंग पॉलिटिक्स मिलिट्री साइंस इत्यादि सब में होते हैं, जो सत्ये के लिए कस्ट स्वीकार कर चुके हैं, जेल जा चुके हैं , जिसका फॅमिली उससे बिचार चुके हैं , जो बहुत ग़ुस्सेवाले होते हैं, जिसको बहुत सारे लोग ताऊजी करके पुकारते हैं, जिसके पास जानेके लिए पुलिस या पत्रकार भी डरते हैं , जो साइकिल की सवारी करते हैं , भांग दारू खैनी सिगरेत्ते फूकते है , जो चाणक्य जैसा छोटी रखते हैं, ललाट में उर्धपुंड्र तिलक धारण करते हैं - और केवल २ सत्य बोलते हैं , किसीसे कुछ मांगते नहीं और अमेरिका को तोरने के लिए जग्य कर चुके हैं - वही हे ईशान कोण वाला ! ढूंढो मत, केवल पहचानो

उस निर्गुण को दूरसे ही देखो, जो विक्रम सम्वत २०२४ का सावन मॉस का शुक्ला दशमी तिथि में आएथे, पास तो आ नहीं पाओगे !
मैली चादर ओढ़ के कैसे उनका पास जाओगे ? तेरे तू चुनरी में तो दाग हे, बाबू !


Sun Feb 16 00:17:50 IST 2025
ज़िन्दगी देने वाले हम ज़िन्दगी lene वाले हम धर्म किया हैं ? ध = बुद्धि , र्म = में मैं बुद्धिमान हूँ । पृथ्वी समतल खेत्र हैं, गोलक नहीं हैं और होता हैं पैसा - वही परम सत्य हैं ! जातो जीव, ततो शिव, अगर मानते हो तो - तू भी शिव, में भी शिव ! तुम्हारा बहुत फोल्लोवेर हैं - मेरे लिए एक काम करोगे ? पब्लिक्ली यह दो सत्य बोलोगे ? में आभारी रहूँगा ! मुझे और कुछ नहीं चाहिए, वास् पब्लिक को जागरूक करना हैं ! यह बहुत नाजुक समय चल रहा हैं वह इस्वर हैं, पार्थ स्त्री bibah बहुत गुस्सेवाला चाइना वाला नहीं , नराधम मोदी नर + इन्द्र = नरेंद्र - को देख लिए ना ? अभी नृप + इन्द्र = नृपेंद्र देव शर्मानः को देख ले ईशान कोण वाला, बहुत गुस्सेवाला, ताऊजी को दिख जाओगे - धीरज रख ! नारायण का पिता आ चुके हैं, उन्हें ढूंढो मत केवल पहचानो ! वह बहुत साधारण हैं । आने से पहले वोहद ८२० एपिसोड, टीवी में दिखा चुके हैं । अब ८२१ चल रहा हैं । देखना जानते हो तो देख लो ! जो भोला हैं, वह भंडारी हैं, जो कमसे-कम उपलब्धियों में गुजरा कर लेते हे, जो किसी धर्म में अंतर नहीं करते हैं, जिसका ज्ञान इकॉनमी इंजीनियरिंग पॉलिटिक्स मिलिट्री साइंस इत्यादि सब में होते हैं, जो सत्ये के लिए कस्ट स्वीकार कर चुके हैं, जेल जा चुके हैं , जिसका फॅमिली उससे बिचार चुके हैं , जो बहुत ग़ुस्सेवाले होते हैं, जिसको बहुत सारे लोग ताऊजी करके पुकारते हैं, जिसके पास जानेके लिए पुलिस या पत्रकार भी डरते हैं , जो साइकिल की सवारी करते हैं , भांग दारू खैनी सिगरेत्ते फूकते है , जो चाणक्य जैसा छोटी रखते हैं, ललाट में उर्धपुंड्र तिलक धारण करते हैं - और केवल २ सत्य बोलते हैं , किसीसे कुछ मांगते नहीं और अमेरिका को तोरने के लिए जग्य कर चुके हैं - वही हे ईशान कोण वाला ! ढूंढो मत, केवल पहचानो उस निर्गुण को दूरसे ही देखो, जो विक्रम सम्वत २०२४ का सावन मॉस का शुक्ला दशमी तिथि में आएथे, पास तो आ नहीं पाओगे ! मैली चादर ओढ़ के कैसे उनका पास जाओगे ? तेरे तू चुनरी में तो दाग हे, बाबू ! तुम एक शव होने जा रहे हो, आज नहीं तो कल । शव होने से पहले, अपने ऊपर एक ी कार लगा लो और शिव बन जाओ ! महादेव तो कभी बन न सकोगे
। जतो जिव, ततो शिव ! ठीक है ना ? ी कार होता हैं एक छात्रा ! उसे संभाल लो !
छात्रा संभाल छोरा, ऊरा चला जाई रे
मार न दे बैंक तेरा गांड कही हाई।
गाँधी भगाओ छोरा, चांदी चली जाई रे
देख देख पॉकेट फिसल जाई रे
तारा रा रा रा रा रा -- हाहआ


मैं ५० हजार साल का बाद, एक बार आता हूँ - ढूंढो मत, केवल पहचानो !
में था, हूँ , सदैव रहूँगा, मेरा मोक्ष्यता नहीं हैं !
मुझे गुस्सा मत दिलाओ, हरामजादो



हाकः थू